स्पीकर राजीव बिंदल ने मामले पर चर्चा न कर पाने की बात की। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज और कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री में इस बीच नोकझोंक हुई। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि ऐसा पहले भी होता रहा है।
इस पर कांग्रेस के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी और वाकआउट कर दिया। इसके बाद विस अध्यक्ष राजीव बिंदल ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया। इस बीच कांग्रेस विधायक सदन के बाहर नारेबाजी करते रहे। वे थोड़ी ही देर में नारेबाजी करते हुए बाहर विस परिसर में चले गए।
मुकेश अग्निहोत्री ने सदन परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का अहम स्थान है। सरकार विपक्ष की अनदेखी कर रही है। केवल सीएम और सत्ता पक्ष के फोटो खींचकर मीडिया को दिए जा रहे हैं।
विपक्ष को रिपोर्ट नहीं किया जा रहा है। विस परिसर में पार्टी के झंडे लगाकर लोग आ रहे हैं और ढोल-नगाडे़ बजाए जा रहे हैं। विपक्ष की ओर से इस मुद्दे को भी उठाया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि लोगों ने आरएसएस को नहीं, बल्कि भाजपा को चुना है। यह सहन करने योग्य नहीं है। सरकार की सारी गतिविधियां आरएसएस के इशारे पर ही चल रही हैं।
सदन में केवल कांग्रेस सदस्यों के फोटो खींचकर मीडिया को देना सही नहीं है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सदस्यों का व्यवहार ठीक वैसे ही है, जैसे बच्चे खिलौने मांगकर सड़कों पर लोटते-पोटते हैं।
ये सब ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री कभी भी अपनी सीट पर खडे़ हो जाते हैं। जब सीएम भी बोल रहे हो, तब भी खडे़ हो जाते हैं। ऐसा करना सही नहीं है।