बजट सत्र के लिए सत्तापक्ष व विपक्ष ने बनाई रणनीति।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के लिए विपक्ष व सत्तापक्ष ने रणनीति तैयार कर ली है। एक ओर हॉलीडे होम में विपक्ष बजट सत्र में जयराम सरकार को घेरने की रणनीति बनाई तो दूसरी ओर मंगलवार शाम सात बजे के बाद सत्तापक्ष मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में जवाबी कार्रवाई की योजना तैयार की। इस बैठक में सत्तारूढ़ दल भाजपा के अधिकतर विधायकों ने सीएम को आश्वस्त किया कि विपक्ष के नहले पर दहला फेंका जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मंत्रियों को तैयारी कर जवाब देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के सवाल के जवाब हों या चर्चाओं के उत्तर हों, सबके जवाब संभलकर दिए जाएं। दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पीटरहॉफ में भाजपा विधायक दल की बैठक में समझाया कि स्वाभाविक रूप से चुनावी वर्ष में विपक्ष और ज्यादा हंगामा कर सकता है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान पहले दिन ही शोर-शराबा और हंगामा होने की संभावना व्यक्त की गई। इस पर मंत्रियों और विधायकों ने विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देने की रणनीति बनाई। यह भी चर्चा हुई कि आगामी दिनों में भी विपक्ष प्रश्नकाल में काम रोको प्रस्ताव लाकर बाधा पहुंचा सकता है। ऐसे में मंत्रियों और विधायकों को पूरी रणनीति और सूझबूझ से पेश आना होगा और पूरी तरह सोच-समझकर सदन में अपनी बात रखनी होगी।
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही कांग्रेस की हंगामे की तैयारी
वहीं, प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन ही कांग्रेस ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामे की तैयारी कर ली। विपक्ष तीखे तेवरों के साथ सदन में गरजेगा। सदन को महंगाई, बेरोजगारी, जहरीली शराब, शराब माफिया और ऊना में बारूद फैक्टरी में विस्फोट जैसे ज्वलंत मुद्दों से विपक्ष गरमाए रखेगा और सरकार पर बराबर हमले बोलेगा। कांग्रेस विधायक दल की मंगलवार को हॉलीडे होम में हुई बैठक में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें बजट सत्र को लेकर कांग्रेस विधायकों ने रणनीति को अंतिम रूप दिया। सूत्रों के अनुसार पार्टी विधायकों ने सदन में तीखे तेवर अपनाकर सरकार पर निशाने साधने का फैसला लिया है। राज्यपाल के अभिभाषण के समय भी विपक्ष उस समय हंगामे की तैयारी में है, जब जयराम सरकार की उपलब्धियां गिनाई जाने लगेंगी। प्रदेश से जुडे़ ज्वलंत मुद्दों बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, विभागों में रिक्त पदों के मुद्दों के तीर भी विपक्ष के तरकश में संभालकर सदन में सरकार पर विपक्ष प्रहार करेगा।
नाकामियां छिपाने को कम किए बजट सत्र के दिन : सिंघा
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी नाकामियां छिपाने के लिए बजट सत्र के दिन कम कर दिए हैं। बजट सत्र की अवधि को मात्र 16 दिन के लिए सीमित कर दिया है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस मामले को उन्होंने सर्वदलीय बैठक में जोरदार तरीके से उठाया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बजट सत्र के दिन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। सिंघा ने कहा कि सदन के भीतर लोगों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। करुणामूलक संघ की मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। कोरोना संकट के समय 102, 108 एंबुलेंस कर्मियों ने सराहनीय कार्य किया है। अब इन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। निजी स्कूलों की फीस तय नहीं हो सकी है। निजी विश्वविद्यालय फर्जी डिग्रियों का केंद्र बन गया है। सरकार ने समाज के कई वर्गों को आश्वासन दिए हैं, जो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में ये सभी वर्ग बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करते नजर आएंगे।