आशीष बुटेल दोहराते रहे कि पालमपुर स्थित टीसीपी कार्यालय को कब नियमित ईओ और जेई मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इससे काम प्रभावित हो रहा है। आवासीय और वाणिज्यिक भवनों को वक्त में नहीं बनाया जा पा रहा है।
शहरी गरीबों को आर्किटेक्ट को देने पड़ते हैं हजारों रुपये
रेणुका के कांग्रेस विधायक विनय कुमार ने कहा कि शहरी गरीबों को मकान बनाने के लिए 1 लाख 60 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। मगर आर्किटेक्ट ही नक्शा बनाने के हजारों रुपये ले लेते हैं। इसका सरलीकरण किया जाए।