ख्यमंत्री ने बताया कि बीते दिनों ही एनजीटी ने बद्दी, परवाणू और कालाअंब में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग न लगाने और ऐसे पुराने उद्योगों को विस्तार देने पर रोक लगाई है।
प्रदेश में 10 माइक्रोन से कम आकार के धूल कण प्रदूषक का घनत्व सात शहरों बद्दी, नालागढ़, डमटाल, कालाअंब, परवाणू, पांवटा साहिब और सुंदरनगर में निर्धारित मात्रा से अधिक पाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया जब वे गांव में रहते तो जागरूकता के अभाव में पेड़ कटान करते थे, लेकिन अब समय बदल गया है। पेड़ों को जो पहले काटते थे, अब इन्हें बचाने को खड़े हो रहे हैं।
हमारी सरकार ने वन काटुओं पर शिकंजा कसा है। बीते डेढ़ साल में बड़े पेड़ कटान का कोई मामला नहीं आया। प्रदेश में आम के पेड़ काटने की शिकायतें मिल रही हैं। इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी।