फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल विधानसभा सत्र: 300 यूनिट निशुल्क बिजली और 1500 रुपये पर विपक्ष का सदन में हंगामा, किया वाकआउट

Thu, 23 Mar 2023 08:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

बोलने का मौका न मिलने पर भाजपा विधायकों ने वेल में जाकर नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस की गारंटियों को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक से सदन तपा रहा। 
विज्ञापन
विपक्ष ने किया वाकआउट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के आठवें दिन वीरवार को 300 यूनिट निशुल्क बिजली और 1500 रुपये पर विपक्ष ने सदन में खूब हंगामा किया। बोलने का मौका न मिलने पर भाजपा विधायकों ने वेल में जाकर नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस की गारंटियों को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक से सदन तपा रहा। जवाब में सीएम सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस की गारंटियां पांच साल के लिए हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने चुनाव प्रचार में झूठी गारंटियां देने का आरोप लगाया।

विज्ञापन

 

प्रश्नकाल में भाजपा विधायकों ने सरकार को घेरा
कांग्रेस की चौथी गारंटी 300 यूनिट निशुल्क बिजली को लेकर प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों ने सरकार को घेरा। भाजपा विधायकों ने चुनाव प्रचार की याद दिलाते हुए 125 यूनिट निशुल्क बिजली नहीं देने का आरोप लगाया। भाजपा विधायक विनोद कुमार ने मामला उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान तो कांग्रेस ने प्रतिमाह घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक बिजली निशुल्क देने की गारंटी दी थी। अब लोग पूछ रहे हैं कि निशुल्क बिजली कब से मिलेगी। विधायक ने कहा कि लोग बता रहे हैं कि अब 125 यूनिट बिजली खपत पर भी बिल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 300 यूनिट बिजली के अलावा 1,500 रुपये प्रतिमाह, पांच लाख रोजगार और फलों की कीमत बागवानों की ओर से तय करने की गारंटियों को लेकर भी लोग पूछ रहे हैं। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने शोर शराबा कर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर दिए।

विवेकपूर्ण सोच के साथ गारंटियां दीं: सीएम
जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने विवेकपूर्ण सोच के साथ गारंटियां दी हैं। चार साल में प्रदेश की बदहाल आर्थिक हालत को ठीक किया जाएगा। पहले बजट भाषण में कई गारंटियों की झलक दिखती है। 125 यूनिट निशुल्क बिजली योजना को बंद नहीं किया गया है। इस योजना के लिए 1,044 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बिजली बोर्ड को तीन माह में 300 करोड़ रुपये की सब्सिड़ी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के सदस्य बजट आने के बाद से परेशान हैं। चुनाव से पहले खुले संस्थानों के मामले में आवश्यकताओं को देखा जा रहा है। पूर्व सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं किया है। दोपहर बाद बजट पर हुई चर्चा को लेकर जब मुख्यमंत्री ने जवाब देना शुरू किया तो विपक्ष ने महिलाओं को 1500 रुपये देने का मामला उठाया। नेता विपक्ष ने इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष से बोलने की अनुमति मांगी। अध्यक्ष के इंकार करने पर विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। इसके बाद सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष की गैरमौजूदगी में मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट चर्चा पर जवाब दिया।

विज्ञापन


वीरभद्र सरकार ने दी थी 60 यूनिट तक निशुल्क बिजली
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा विधायकों के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व की वीरभद्र सरकार ने प्रदेश में 60 यूनिट तक निशुल्क बिजली देना शुरू किया था। भाजपा विधायकों ने इस पर हंगामा करते हुए कहा कि जयराम सरकार से पहले किसी सरकार ने निशुल्क बिजली नहीं दी। सब्सिडी ही कुछ वर्गों को दी जाती थी। विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर झूठी जानकारी देने का आरोप लगाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मैं कोई जानकारी सदन में झूठी दे रहा हूं तो विपक्ष के पास मेरे खिलाफ विशेषाधिकार लाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि 61 से 125 यूनिट तक निशुल्क बिजली जयराम सरकार ने दी। हमारी सरकार 300 यूनिट तक बिजली देगी। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष उत्तेजित न हों।

जयराम बोले, बिजली का करंट जोर से लगा
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि बिजली का करंट सरकार को जोर से लगा है। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस ने हर गारंटी को अपनी पहली कैबिनेट बैठक में देने की बात कही थी। 300 यूनिट निशुल्क बिजली देना तो दूर पूर्व सरकार के समय घरेलू उपभोक्ताओं को दी गई 125 यूनिट मुफ्त बिजली भी अब नहीं मिल रही है। 125 यूनिट से कम खपत करने वाले लोगों को भी बिजली बिल आ रहे हैं। कांग्रेस की 300 यूनिट निशुल्क बिजली का जिक्र बजट भाषण में कहीं नहीं है। महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देेने को लेकर भी झूठ बोला गया है। प्रदेश में महिलाओं का आंकड़ा 22 लाख है और सरकार सिर्फ 2.31 लाख को ही 1500 रुपये देने की बात कर रही है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: बजट सत्र: सीएम सुक्खू बोले- कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से नहीं उजड़ेगा कोई परिवार

ये भी पढ़ें: Himachal Weather: पांच जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, चोटियों पर बर्फबारी के आसार

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें