23 बिजली परियोजनाओं ने वाटर सेस के चुकाए 34.75 कराेड़
हिमाचल प्रदेश में 23 बिजली परियोजनाओं ने वाटर सेस चुका दिया है। आयोग के पास 15 जनवरी तक वाटर सेस के तौर पर 34.75 कराेड़ रुपये एकत्र हो गए हैं। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि जल विद्युत उत्पादन पर वाटर सेस के लिए राज्य आयोग की स्थापना की गई है। करीब 1.10 करोड़ रुपये का आयोग पर अभी तक व्यय हुआ है। इसमें से 70 लाख रुपये का वन टाइम व्यय कार्यालय भवन नवीनीकरण पर किया गया है। करीब 40 लाख रुपये की राशि अन्य मदों पर गत छह माह में व्यय हुई है। आयोग के अध्यक्ष के वेतन पर 6.93 लाख रुपये और तीन सदस्यों के वेतन पर 19.49 लाख रुपये व्यय हुए हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन पर 3.56 रुपये व्यय हुए हैं।
जो स्पीकर रहता है, वो ज्यादा नहीं बोलता
पंचायतों में विकास कार्य बंद हैं। 4 से 6 पंचायतों पर एक जेई है। यह कहकर कि ये परमार के बंदे हैं, कर्मचारियों के ट्रांसफर कर सुलह ब्लॉक खाली कर दिया गया है। सुक्खू सरकार हिमाचल को कमजोर कर रही है। जानू जी, आप भी कुछ बोलो, मुखर रहे हैं आपके पितापरमार ने कांग्रेस के नगरोटा बगवां से विधायक रघुवीर सिंह बाली (जानू) को संबोधित करते हुए कहा, जानू जी आपके पिता की पहचान मुखर नेता की थी, सुना है सरकार में आपकी भी बहुत चलती है। कांगड़ा को लेकर आप भी मुख्यमंत्री के सामने आवाज उठाओ। परमार ने जब निर्धारित समय के बाद भी अपना वक्तव्य खत्म नहीं किया और दो बार घंटी बजने पर भी बोलते रहे तो विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया बोले, जो स्पीकर रहा हो वह ज्यादा नहीं बोलता।