आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है और अपनी ठियोग विधानसभा सीट मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के लिए छोड़ दी है। स्टोक्स का मानना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जो करोड़ों के जनकल्याण कार्य प्रगति पर हैं उन्हें वीरभद्र सिंह ही अंजाम तक पहुंचाएंगे।
वह एक परिपक्व नेता हैं और उनके नेतृत्व में प्रदेश का चंहुमुखी विकास हुआ है। ठियोग के लिए उनसे बेहतर उम्मीदवार कोई दूसरा हो ही नहीं सकता। वह पारिवारिक मजबूरियों की वजह से चुनाव नहीं लड़ रही हैं, बच्चे चाह रहे हैं कि बहुत हो गया काम और उनके साथ भी वक्त बिताएं।
इसी वजह से चुनाव नहीं लड़ेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सीट छोड़ने का मतलब राजनीति छोड़ना नहीं है। वह तमाम उम्र जनसेवा करती रहेंगी। विद्या स्टोक्स ने अमर उजाला संवाददाता के साथ सभी सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। पेश हैं इसके कुछ अंश।
विधानसभा चुनाव न लड़ने की क्या वजह है?
विधानसभा चुनाव न लड़ने की क्या वजह है?
स्टोक्स- काफी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हूं। पूरे मन से जनसेवा की है। अब बच्चे चाहते हैं कि उनके साथ भी वक्त बितांऊ। इसलिए इस बार चुनाव न लड़ने का फैसला लिया।
क्या मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आपकी सीट से चुनाव लड़ेंगे?
स्टोक्स- यह बात सही है, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ इस बारे में चर्चा हुई है। इनसे बेहतर कोई दूसरा उम्मीदवार ठियोग को नहीं मिल सकता। .. हंसते हुए, पुनर्सीमांकन से पहले शिमला ग्रामीण से लगातार दो बार चुनाव जीता था। पुनर्सीमांकन के बाद मैंने ही वीरभद्र जी से कहा था कि वह शिमला ग्रामीण से लड़ें। मैंने ही वीरभद्र जी के लिए शिमला ग्रामीण सीट छोड़ी थी और ठियोग आई थी। अब मुख्यमंत्री ठियोग सीट से चुनाव लड़े।
ठियोग से आपने अपना कोई उत्तराधिकारी घोषित क्यों नहीं किया?
स्टोक्स- मेरी नजर में ऐसा कोई परिपक्व व्यक्ति नहीं जिसे उत्तराधिकारी घोषित किया जा सके। यह एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसलिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से बेहतर ठियोग के लिए कोई दूसरा नहीं हो सकता।
क्या अब आप राजनीति से दूर हो जाएंगी ?
क्या अब आप राजनीति से दूर हो जाएंगी?
स्टोक्स- ऐसा बिल्कुल नहीं है सीट छोड़ने का मतलब राजनीति छोड़ना नहीं है। वह हमेशा जन सेवा करती रहेंगी।
आप आपने राजनीतिक कैरियर से कितनी संतुष्ट हैं?
स्टोक्स- ठियोग ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में उन्होंने कार्य करवाएं हैं। वह आज तक जिस भी पद पर रही हैं मासिक मेहनताने के नाम पर केवल एक रुपया ही लिया है। 45 साल के लंबी राजनीतिक पारी के दौरान कोई भी अंगुली नहीं उठा पाया। बेदाग छवि ही उनकी पहचान है।
ठियोग सीट पर आपके समर्थक क्या मुख्यमंत्री को समर्थन देंगे?
स्टोक्स- बिल्कुल देंगे और उनको देना भी चाहिए। टिकट के चक्कर में नाराज होकर बैठ जाना अच्छी बात नहीं है। सबको एक जुट होना चाहिए ।
क्या आप सीएम के लिए प्रचार करेंगी?
स्टोक्स- मैं बिल्कुल ठियोग में वीरभद्र सिंह के लिए प्रचार करूंगी। इसके अलावा प्रदेश के बाकी विधानसभा क्षेत्रों में भी चुनाव प्रचार में जाऊंगी।
क्या कोई मन में मलाल है कि सरकार में रहते ये काम नहीं कर पाई?
स्टोक्स- अगर ठियोग की बात करें तो करोड़ों की लागत से विकास कार्य किए हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी पेयजल योजना हो या फिर बागवानी से जुड़ी योजनाएं सब पर काम हुआ है। कई काम प्रगति पर है। हां, इतना जरूर है स्पोर्ट्स के लिए इस बार कुछ खास नहीं कर पाई।