भाजपा के दृष्टिपत्र के तीन दिन बाद कांग्रेस ने भी हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कई लुभावने वायदे किए हैं। पार्टी ने सबसे बड़ा दांव कर्मचारियों पर खेला है।
किसानों, युवाओं, मजदूरों के अलावा महिलाओं और बुजुर्गों का भी खास ख्याल रखा गया है। फिर सत्ता में आने के लिए कांग्रेस ने छात्रों को रिझाने के साथ और गरीबों के बच्चों को विदेश में शिक्षा के सपने भी दिखाए हैं।
शिमला में बुधवार को ‘विकास और विश्वास फिर से, कांग्रेस का साथ फिर से’ नारे के साथ चुनाव घोषणा पत्र में पार्टी ने कई बड़े वायदे किए। घोषणा पत्र को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस के राज्य प्रभारी सुशील कुमार शिंदे, सह प्रभारी रंजीत रंजन, घोषणापत्र कमेटी के अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर और अन्य केंद्रीय एवं स्थानीय नेताओं की उपस्थिति में जारी किया।
इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू और घोषणा पत्र कमेटी के कन्वीनर जीएस बाली नजर नहीं आए। प्रेस वार्ता में कौल सिंह ने बताया कि कुछ घोषणाओं को पूरा करने के लिए खुद ही बजट का प्रबंध करना पड़ेगा। आम जनता की सहूलियत के लिए प्रशासनिक शक्तियों का विकेंद्रीयकरण किया जाएगा।
कर्मचारी के लिए बड़े वादे किए
- 2003 के बाद सरकारी कर्मचारियों को पेंशन देने की घोषणा
- कांग्रेस सरकार बनते ही शुरू में कर्मचारियों को 4-9-14 लाभ देने का वायदा
- आउस सोर्स कर्मचारियों को तीन साल बाद नियमित
- अनुबंध कर्मचारियों को 2 साल बाद नियमित करने का एलान
- दैनिक भोगी कर्मियों को 3 साल की सेवा के बाद नियमित करने का दावा
- अंशकालिक कर्मियों को 3 साल बाद दैनिक भोगी बनना
- कंप्यूटर, पैट, पैरा, एसएमसी अन्य वर्ग के अध्यापकों होंगे नियमित
- रोजगार नीति का उदारीकरण होगा, प्रत्येक परिवार में से एक व्यक्ति को सरकारी रोजगार
- आरकेएस, एनएचएम को अन्य विभागों में तैनात कर नियमितीकरण नीति लागू होगी
- दैनिक मजदूरों की दिहाड़ी 210 से बढ़ाकर 350 करने के वायदा
पुरानी पैंशन बहाल होगी
कांग्रेस ने एक और बड़ा वादा करते हुए 2003 के बाद भर्ती कर्मचारियों को पेंशन बहाल करने की घोषणा की है। हालांकि घोषणापत्र में इसका जिक्र नहीं है, लेकिन मौके पर अलग से इसकी घोषणा की गई। सभी पात्र पैंशनभोगियों को वित्तीय लाभ देने के लिए 5-10-15 प्रतिशत पैंशन भत्ते को मूल पैंशन में शामिल किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिक कॉर्नर बनाना सुनिश्चित किया जाएगा।
60 से 75 वर्ष की आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी। सभी जिला में ओल्ड एज होम निर्मित किए जाएगे। वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क चिकित्सा जांच और दवाइयों की मुफ्त आपूर्ति के लिए शिविर लगाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिक कार्ड जारी करने के लिए पंचायत सचिव स्तर के अधिकारियों को अधिकृत किया जाएगा।
शिक्षा के लिए
- फोटो : demo pic
- आईआरडीपी छात्रों को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा
- खाली पदों को भरने में प्राथमिकता, नए संस्थान खोलने को प्राथमिकता
- सभी जिलों में महाविद्यालय और आदर्श विद्यालय खुले जाएंगे
- सभी लड़कियों को मुफ्त व्यवसायिक शिक्षा प्रदान की जाएगी
- सीबीसीएस (रूसा) पद्धति में कर्मियों को दूर किया जाएगा
- 50 हजार मेधावी छात्रों को लैपटॉप से सम्मानित किया जाएगा, इसमें 35 हजार दसवीं, बारहवीं, 12 हजार स्नातक, 3 हजार स्नातकोत्तर छात्रों को लिया जाएगा।
- अनुसूचित जाति के 10 वीं छात्र छात्राओं को देश विदेश उच्च शिक्षा के लिए भीमराव अंबेदकर छात्रवृत्ति प्रोग्राम के तहत छात्रवृत्ति दी जाएगी
- 6 माह के भीतर स्कूलों में शौचालय बनेंगे
- स्कूल, कालेज में कन्या छात्रावास का निर्माण
- दो वर्ष के भीतर शत प्रतिशत एनरोलमेंट और शुन्य डरॉप आऊट दर लाई जाएगी
- माहविद्यालय में मुफ्त वाईफाई सुविधा
युवा वर्ग
- बेरोजगारी भत्ता 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये, विकलांग को भत्ता 2000 मिलेगा
- डेढ़ लाख कर्मचारियों को रोजगार देने का दावा
- कौशल विकास निगम के तहत प्रशिक्षण लेने वाले वाले युवाओं को मिलेगा रोजगार
- सभी जिलों में मिनी स्टेडियम
- पंचायतों में जिम, पुस्तकालय और खेल मैदान बनेंगे
- युवा मंडलों को एक मुश्त अनुदान
- युवा क्लबों को स्पोट्स किट
- सभी मुख्यालय में लोक प्रशासन संस्थान, कोचिंग केंद्र की स्थापना
महिला सशक्तिकरण
जिला व उपमंडल मुख्यालयों में सरकारी क्रैच खोले जाएंगे ताकि कामकाजी महिलाओं की देखभाल और उचित पोषण की सुविधा मिल सके।
जिला व उपमंडल मुख्यालयों के स्तर पर कामकाजी महिला छात्रावास खोले जाएंगे।
- जिला व उप मंडल मुख्यालय में सरकारी क्रैच की सुविधा
- कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास
- निर्धन, वृद्ध, विकलांग, अनाथ और असहाय महिलाओं के लिए नई आवास योजना
- विधवा को उनकी बटियों की शादी के लिए एक लाख का अनुदान मिलेगा
- महिला को तकनीक शिक्षा के लिए आईटीआई केंद्र खोले जाएंगे
- कुटीर औद्योगिक व अन्य उत्पादक इकाई स्थापित के लिए 1 लाख रुपये बिना ब्याज के मिलेंगे
महंगाई नियंत्रण
कांग्रेस सरकार सुनिश्चिति करेगी कि महंगाई पर नियंत्रण कर आम आदमी को राहत दी जाए। व्यापार और उद्योग को नुकसान से बचाने के लिए प्रक्रिया को आसान और उदार बनाया जाएगा।
राज्य मूल्य निर्धारण, नियंत्रण व व्यावयाय एवं उद्योग विकास आयोग का गठन करेगी। जीएसटी में हिमाचल के लिए निर्धारित 10 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर कम से कम 20 लाख रुपये करने का मामला केंद्र सरकार से उठाया जाएगा।
सैन्य और पैरा मिलिट्री वर्ग का विकास व कल्याण
- वन रैंक वन पेंशन स्कीम को संशोधित करने के लिए केंद्र से मामला उठाया जाना
- राज्य में सीएसडी, ईसीएचएस और पोली क्लिनिक्स के विस्तार को प्राथमिकता
- पूर्व सैनिकों को सार्वजनिक वितरण की दुकानों, अस्पतालों में दवा दुकानों के लिए एक निश्चित कोटा निर्धारित होगा
अनुसूचित जाति विकास एवं कल्याण
- हिमाचल विवि में व्यवसायिक, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्थापित कोचिंग सेंटर में 50 फीसदी भत्ते की बढ़ोतरी
जनजाति विकास और कल्याण
- नौतोड़ नीति का उदारीकरण होगा
- जनजातीय क्षेत्रों में वन संरक्षण अधिनियम से विशेष छूट मिलेगी
- विवि में अनुसूचित जाति समुदाय के छात्रों को भत्ते में 50 फीसदी बढ़ोतरी
पिछड़े वर्ग का विकास एवं कल्याण
- जुज्जर, गद्दी लबाणा, गोरखा और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए मजबूत बोर्ड गठित होगा
स्वास्थ्य के लिए ये वादे
- सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निशुल्क चिकित्सा उपचार, दवाइयां उपलब्ध होगी
- सभी संस्थानों में मेडिसिन सेंटर खोले जाएंगे, जिला में सुपर स्पेशिलिटी सुविधा मिलेगी
- जनजातीय क्षेत्रों में टेली मेडिसन सुविधा
- डाक्टर, पैरामेडिकल और तकनीकी कर्मचारियों के कैडर में 25 फीसदी की बढ़ोतरी होगी
- बीपीएल को बाहरी और इंडोर चिकित्सा उपचार निशुल्क होगा
- जनजातीय क्षेत्रों में तैनात डाक्टरों का वेतन में वृद्धि की जाएगी
- कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में हैली - एंबुलेंस सेवा आरंभ होगी
सड़कें, पुल और सुरंगें
- भूमि अधिग्रहण के मामलों में फैक्टर -11 लागू होगा
- सभी गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाना
- सभी जिलों को फोर लेन से जोड़ा जाना
- शहरों और कस्बों में ओवर ब्रिज का निर्माण होगा
- भानुपल्ली- बिलासपुर रेल परियोजना को जल्द लागू करने का प्रयास
- पठानकोट- जोगिंदरनगर और कालका - शिमला रेल लाइनों में सुधार
कृषि बागवनी
- राज्य कृषि एवं बागवानी आयोग का गठन किया जाएगा।
- कृषि फसलों को जंगलीं-जानवरों से बचाने को प्रभावी कदम उठाएंगे।
- कृषि और बागवानी भूमि की फेंसिंग के लिए 90 फीसदी सब्सिडी देंगे।
- कृषि और बागवानी बीज, उर्वरक, कीटनाशकों, कृषि उपकरणों आदि पर 90 प्रतिशत सब्सिडी।
- एंटी हेलनेट के लिए 90 फीसदी सब्सिडी देंगे। अधिकतम सीमा तीन लाख होगी।
- छोटे और सीमांत किसानों को एक लाख रुपये के कृषि ऋण और ब्याज माफ करेंगे।
- बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि उपकरणों को समय पर देने को एक नोडल एजेंसी बनाई जाएगी।
- रेन हार्वेस्टिंग संरचना के लिए 90 फीसदी सब्सिडी।
- सेब बागवानों को शोषण से बचाने को यूनीफार्म यूनिवर्सल कार्टन की नीति लागू होगी।
- सेब के आयात शुल्क को कम से कम तीन गुणा बढ़वाने को कदम उठाएंगे।
- सीए स्टोर की श्रृंखला का निर्माण होगा।
- सिंचाई परियोजनाओं का नेटवर्क विकसित होगा।
- ट्यूबवेल, बोरवेल के लिए विशेष वित्तीय सहायता देंगे।
- फलों की छोटी विधायन इकाई स्थापित करने के लिए चार फीसदी ब्याज पर सब्सिडी देंगे।
- नकली बीज, उर्वरक की बिक्री को एक गंभीर दंडनीय अपराध बनाया जाएगा और इस प सख्त निगरानी होगी।
- मंडी समितियों की फीस तर्कसंगत तरीके से निर्धारित होगी।
- राज्य चाय बोर्ड को और सशक्त किया जाएगा।
- मुफ्त पशु चिकित्सा दवाओं में और दवाएं शामिल की जाएंगी।
- दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओें और सहकारी सभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार अधिक अनुदान देगी।
- दुग्ध खरीद मूल्य को बढ़ाया जाएगा।
- रेशम उद्योग के पुनरुत्थान को विशेष योजना बनेगी।
वन एवं पर्यावरण
- नई वन एवं पर्यावरण नीति बनाई जाएगी।
- वन अपराधों की रोकथाम और अधिकारियों की सुरक्षा को एक संचार प्रणाली तैयार होगी।
- वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक नोडल एजेंसी तैयार होगी।
- छह महीने के भीतर बंदरों से सुरक्षा के लिए एक निश्चित नीति बनेगी। एक साल में समस्या का निपटारा।
- इको टूरिज्म को विशेष प्रोत्साहन देंगे।
- घूमंतू समुदायों को पशुओं के साथ प्रस्थान करते वक्त पुलिस संरक्षण देंगे। चराई को परमिट देंगे।
परिवहन
- दुर्घटनाएं रोकने को एक उच्च स्तरीय समिति बनाएंगे।
- जिला, उपमंडल, तहसील, उपतहसील स्तर पर पार्किंगें बनेेंगी।
- एचआरटीसी की पुरानी बसें बदलेंगे और नए बस रूट मंजूर होंगे।
- एचआरटीसी कर्मियों के पेंशन फंड को पर्याप्त बजट देंगे।
- एचआरटीसी में रिक्त पद भरेंगे।
- बसों, टैंपो, टैक्सी और तीन पहिया वाहनों के लिए परमिट नीति का उदारीकरण करेंगे।
- जिला और उपमंडल स्तर पर मिनी लोकल बस सेवा शुरू करेंगे।
- महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें आरक्षित होंगी।
खाद्य सुरक्षा
- बीपीएल और एपीएल परिवारों के लिए पीडीएस में ज्यादा खाद्य पदार्थ शामिल होेंगे।
- पूरे राज्य में अधिक पीडीएस दुकानें खोली जाएंगी।
- दूरदराज और कठिन क्षेत्रों में खाद्यान्नों को उपलब्ध करवाने को मोबाइल वैन चलेगी।
पर्यटन और नागरिक उड्डयन
- हिमाचल को पर्यटन आधारित राज्य विकसित किया जाएगा।
- राज्य की आय और रोजगार बढ़ाने को निजी क्षेत्र को पर्यटन के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
- होम स्टे स्कीम को उदार बनाया जाएगा। कमरों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच होगी। बिजली और पानी का प्रभार घरेलू दरों पर होगा।
- सभी पर्यटक स्थलों पर पर्याप्त पार्किंग सुविधा का निर्माण होगा।
- पर्यटन में विशेष कौशल विकास पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
- विभिन्न पर्यटक स्थलों को जोड़ने के लिए राज्य में हेली टैक्सी सेवा शुरू होगी।
- शिमला, गगल, भुंतर हवाई अड्डे का विस्तार किया जाएगा। प्रतिष्ठित कंपनियों के माध्यम से इन हवाई अड्डों के लिए रियायती दर पर अतिरिक्त उड़ानें शुरू होंगी।
- रोपवे का निर्माण बड़े पैमाने पर होगा।
- 10 या इससे कम कमरों के लिए होटल, पर्यटन इकाई लगाने वाले युवाओं को ऋण पर सब्सिडी मिलेगी।
- स्वरोजगार के लिए टैक्सी खरीदने पर उनके द्वारा लिए गए ऋण पर राज्य सरकार सब्सिडी देगी।
उद्योग क्षेत्र
- रोजगार के अधिक अवसरों वाले और अनुकूल वातावरण वाले उद्योग विकसित होंगे।
- युवाओं के लिए उद्योगों मेें रोजगार की अधिक प्रतिशतता निर्धारित की जाएगी।
- न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 350 रुपये किया जाएगा।
- असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा के लिए पेंशन योजना बनेगी।
- कमजोर उद्योगाें के पुनरुद्धार को नीति बनेगी।
- ऊर्जा टैरिफ नीति को संशोधित कर अधिशेष बिजली उद्योगों को उचित दर पर उपलब्ध करवाया जाएगा।
- कौशल विकास निगम प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करने को नोडल एजेंसी बनेगी।
ग्रामीण विकास
- मनरेगा की मजदूरी को न्यूनतम मजदूरी 350 रुपये के बराबर करेेंगे। अतिरिक्त वित्तीय बोझ राज्य सरकार उठाएगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों को प्राथमिकता देंगे।
- ग्रामीण क्षेत्रों में आवास योजना की पात्रता के लिए आय सीमा बढ़ाई जाएगी।
- ऐसी पंचायतों को विशेष वित्तीय सहायता देंगे, जिनके द्वारा अतिरिक्त वन पौधारोपण और संरक्षण का सराहनीय कार्य होगा।
- पंचायत मुख्यालय और गांवों में विशेषकर जहां वाहनों की संख्या अधिक है। इसमें पार्किंग स्थल विकसित करेंगे।
- ग्रामीण क्षेत्र में जरूरत के अनुसार सीवरेज सुविधा प्रदान करेंगे।
ऊर्जा क्षेत्र
- नई पन बिजली परियोजनाओं को आवंटित करते वक्त ध्यान रखा जाएगा कि उनमें परियोजना प्रभावित परिवारों और स्थानीय परिवारों को रोजगार मिले।
- परियोजना प्रभावित परिवार सभी नई परियोजनाओं में शेयरधारक बनेंगे।
- बिजली बोर्ड के लिए एक पैकेज तैयार किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओें के हितों के साथ बोर्ड कर्मचारियों के हित सुरक्षित होंगे।
- वर्तमान में चल रही परियोजनाओं को लागत घटाने को जल्दी पूरा करेंगे।
शहरी विकास
- वाहनों की संख्या में वृद्धि के कारण सभी शहरी इलाकों को भारी यातायात और पार्कि ंग समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
- जिला मुख्यालय स्मार्ट शहर की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे।
देव स्थान
- मंदिरों के संरक्षण के लिए विस्तृत नीति को तैयार किया जाएगा।
- राज्य समर्थित मंदिरों के लिए वार्षिक अनुदान की सीमा को और अधिक बढ़ाया जाएगा।
- मंदिरों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा और सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाएंगे।
कानूनी सेवाएं
- वकीलों के कल्याण और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने को हिमाचल प्रदेश अधिवक्ता कल्याण बोर्ड का गठन होगा।
- जिला और उपमंडल स्तर पर वकीलों के कक्षों के निर्माण के लिए लीज पर सरकारी भूमि को आवंटित किया जाएगा।
ये वादे भी किए
- विभिन्न विकास और कल्याण योजनाओं को आय सीमा को 35 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर देंगे।
- आंगनबाड़ी और आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी करेंगे।
- कठिन और दुर्गम स्थानों पर नियमों में ढील देकर शिक्षा, स्वास्थ्य संस्थान और सरकारी कार्यालय खोले जाएंगे।
- जनता को इलेक्ट्रानिक राशन कार्ड समयबद्ध रूप से उपलब्ध करवाए जाएंगे।
- टीडी नीति को भी और उदार बनाया जाएगा।
गुड़िया योजना की काट को एक क्लिक पर एफआईआर
महिला सुरक्षा के लिए जहां भाजपा ने गुड़िया के नाम पर योजना और मोबाइल फोन पर शक्ति ऐप जारी करने की घोषणा की। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में भी पूरे राज्य के लिए एक उपयुक्त मोबाइल ऐप के साथ एक टोल फ्री नंबर शुरू करने की बात की है। इसमें केवल एक बटन दबाते ही महिलाओं के खिलाफ अपराध की रिपोर्ट की जा सकेगी।
प्रशासन
भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत निवारण आयुक्त की नियुक्ति होगी। सार्वजनिक सेवाएं ठीक से लागू करवाने के लिए विशेष एजेंसी बनाएंगे।