हॉट सीट सुजानपुर में भाजपा प्रत्याशी प्रो. प्रेम कुमार धूमल और कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा के बीच चुनावी टक्कर रोचक हो गई है। कभी धूमल के राजनीतिक शिष्य रहे राणा इस बार अपने गुरु के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।
सोमवार दोपहर 2:00 बजे राणा और 2:20 बजे धूमल ने एसडीएम दफ्तर में नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान दोनों का आमना-सामना हुआ। लिहाजा, राणा ने अपने गुरु धूमल के पांव छूकर जीत का आशीर्वाद मांग लिया। धूमल ने भी अपने शिष्य को निराश नहीं किया और हाथ मिलाकर राणा को शुभकामनाएं दीं।
दोपहर करीब पौने दो बजे राणा एसडीएम दफ्तर पहुंचे। आधा घंटा औपचारिकताएं पूरी करने में लग गया। इसी बीच धूमल भी नामांकन करने पहुंच गए। एसडीएम दफ्तर से बाहर निकलते समय राणा के सामने धूमल खड़े थे।
जैसे ही राणा की नजर धूमल पर पड़ी तो उन्होंने झुककर धूमल के चरण स्पर्श किए और जीत का आशीर्वाद मांगा। धूमल ने राणा से हाथ मिलाया और उन्हें शुभकामनाएं देकर दफ्तर में प्रवेश कर गए। बाहर खड़े भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में दिनभर यह चर्चा का विषय बना रहा।
राणा को धूमल लाए थे राजनीति में
जब प्रेम कुमार धूमल प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो राजेंद्र राणा उनके काफी करीबी थे। राजेंद्र राणा को राजनीति में धूमल ही लाए। लेकिन बीच में मनमुटाव के बाद राणा कांग्रेस में आ गए।
राणा अपने राजनीतिक गुरु प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। राणा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल उनसे उम्र में काफी बड़े हैं और बड़े-बुजुर्ग होने के नाते उन्होंने पांव छूकर आशीर्वाद लिया।
40 स्कूलों की दीवारों पर टांग दिए कॉलेज के बोर्ड : धूमल
चौगान मैदान में नामांकन से पूर्व भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचार, वन माफिया, खनन, भू और ड्रग माफिया को लेकर हमला बोला। धूमल ने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चों को वर्दी नहीं मिली।
चालीस स्कूलों की दीवारों पर कॉलेज के बोर्ड टांग दिए हैं। बुनियादी सुविधा की कमी के बावजूद रूसा लागू कर दिया। इससे प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिर चुका है। पहले प्रदेश में 45 कॉलेज होते थे तब भी संसाधनों की कमी रहती थी।
अब तो 55 और नए खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमने अपने चुनाव घोषणा पत्र में वायदा किया है की जो रूसा इस कांग्रेस सरकार ने बिना सोचे समझे लगाया है, उसको सत्ता में आते ही हटाएंगे, जब तक पूरा प्रबंध नहीं होता। बेरोजगारी भत्ते के नाम पर कांग्रेस ने युवाओं को ठगा है।
कर्मचारी डीए की किस्त के लिए दस-दस महीने इंतजार करते रहे, पेंशनरों को पेंशन नहीं मिल रही। किसान और बागवान दुखी हैं। गुडिया प्रकरण पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बयान दिया था कि ऐसे साधारण मामले होते रहते हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ की हिमाचल के दो मामले सीबीआई के पास गए हैं।
एक गुड़िया का और दूसरा होशियार सिंह हत्याकांड। धूमल ने कहा कि प्रदेश में वन माफिया, भू माफिया, शराब माफिया, खनन माफिया, ट्रांसफर माफिया सक्रिय है। इस अवसर पर जिला परिषद के अध्यक्ष राकेश ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल ठाकुर, मंडल अध्यक्ष बलदेव धीमान, नगर परिषद की अध्यक्ष सुलोचना देवी और उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज, घनश्याम शर्मा, कुलदीप राठौर मौजूद रहे।