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पार्टियों के असली प्रत्याशियों पर असमंजस, इस पत्र से पुख्ता होगी उम्मीदवारी

Wed, 18 Oct 2017 02:25 PM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश के सियासी दलों भाजपा और कांग्रेस की ओर से अब तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नाम का एलान नहीं हुआ है। दोनों ही पार्टियों की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी न होने के बावजूद पार्टी प्रत्याशी होने का दावा करते हुए कई नेताओं ने नामांकन शुरू कर दिया है।
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सोमवार को एक भी नामांकन न होने के बाद मंगलवार को नामांकन भरने का सिलसिला शुरू हुआ। हालांकि पार्टियों की ओर से नाम न घोषित होने के बावजूद भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर तीन नेताओं ने नामांकन दाखिल किया।

नेताओं की ओर से पार्टी प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में अब पार्टियों की ओर से जारी होने वाली सूची का इंतजार किया जा रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सूची जारी होने के बाद ही संबंधित पार्टी के अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर वाला पत्र जारी होने के बाद ही तय होगा कि पार्टी का असली प्रत्याशी कौन है।
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ये है अधिकृत प्रत्याशी की प्रक्रिया
नामांकन पत्र में प्रत्याशी को अपने विवरण के साथ जिस पार्टी या आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ना हो, उसकी जानकारी देनी होती है। आजाद प्रत्याशी को जहां दस प्रस्तावकों के हस्ताक्षर के साथ मांगी गई जानकारी नामांकन पत्र में भरकर देनी होती है।

पंजीकृत दलों के प्रत्याशी को संबंधित पार्टी के अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर वाले लेटर को नामांकन पत्र के साथ दाखिल करना होता है।

आजाद प्रत्याशियों ने तो दस दस प्रस्तावकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करना शुरू कर दिया है जबकि भाजपा व कांग्रेस ने अभी तक अपने प्रत्याशियों के नाम का एलान नहीं किया है। ऐसे में सभी प्रत्याशी जब पार्टी पदाधिकारी के पत्र जमा करेंगे, तभी वह उस पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी कहलाएंगे।

नामांकन पत्र अधूरा हुआ तो निरस्त होगा आवेदन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि पार्टी सिंबल उसी प्रत्याशी को दिया जाएगा जो 23 अक्तूबर को नामांकन के आखिरी दिन से पहले पार्टी के अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर वाला पत्र अपने नामांकन पत्र के साथ दाखिल कर देगा।

पत्र दाखिल न करने वाले प्रत्याशी अगर बाकी सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हैं तो वह आजाद प्रत्याशी बने रहेंगे। औपचारिकताएं व दस्तावेज पूरे न होने पर नामांकन निरस्त हो जाएगा। 

26 को होगी नाम वापसी, 9 नवंबर को मतदान
23 अक्तूबर तक जमा होने वाले नामांकन पत्रों की जांच 24 अक्तूबर को की जाएगी। 26 अक्तूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 9 नवंबर को विधानसभा की सभी 68 सीटों के लिए प्रदेश के कुल 7,521 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। 18 दिसंबर को मतों की गणना होगी।
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