भाजपा में शामिल हुए मंत्री अनिल शर्मा ने अपने घर में समर्थकों से बैठक के बाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मपाल समेत कई लोगों को भाजपा में शामिल कराया। अनिल ने पत्रकारों से बातचीत भी की।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में वीरभद्र सिंह कांग्रेस का चेहरा न होते तो हिमाचल विकास कांग्रेस (हिविकां) कांग्रेस की सरकार बनवाती। उन्होंने कहा कि अब फिर वही हालात हैं।
सीएम ने साजिश रचकर उन्हें पार्टी छोड़ने को विवश किया है। इससे पहले उनके पिता को भी पार्टी छोड़ने को मजबूर किया गया था। इस साजिश की शुरुआत पहले ही सीएम ने कर दी थी। उन्होंने कहा कि वीरभद्र पंडित सुखराम के कांग्रेस में होने से भय महसूस करते हैं।
स्वार्थ की नहीं आत्म सम्मान की राजनीति करता हूं
अनिल ने कहा कि सीएम तो पहले से ही चाह रहे थे कि पंडित सुखराम और उनका परिवार कांग्रेस छोड़े। मंडी के विपाशा सदन, पड्डल में कांग्रेस रैली में अपमान किया गया। पार्टी की चुनाव समिति में भी जगह नहीं दी गई। मजबूर होकर उन्हें पार्टी छोड़नी पड़ी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह स्वार्थ की नहीं आत्म सम्मान की राजनीति करते हैं। भाजपा में शामिल होना उनका सही निर्णय है।
उन्होंने कहा कि सीएम वीरभद्र सिंह को 2007 के लोकसभा चुनावों में मंडी से 11000 की लीड मिली थी और अकेले सदर विस क्षेत्र से 7000 हजार लीड थी। यदि उस समय चाहते तो पार्टी से गद्दारी करते। लेकिन, स्वार्थ की राजनीति से उनका परिवार कोसों दूर है।
खाने वाले जानें क्या होती है मलाई
मंत्री अनिल शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के मलाई खाने वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता की मलाई क्या होती है। जो लोग मलाई खाते हैं, वही मलाई की बात करते हैं।
कैबिनेट मंत्री रहते हुए सदर विस क्षेत्र के विकास के लिए लड़ाई लड़ी है। जब भी कोई सौगात सदर विस क्षेत्र को मिलती थी तो जिले के मंत्रियों के पेट में दर्द शुरू हो जाता था।
नीरज पर पलटवार, कहा- भारती के दिमाग में फर्क
शिक्षा विभाग के मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती के फेसबुक पेज पर आपत्तिजनक पोस्ट से सुखराम परिवार समेत पूरे खेमे में बवाल मच गया है। इस पोस्ट पर अनिल शर्मा ने कहा कि नीरज भारती के दिमाग में फर्क है।
उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं। नीरज भारती के फेसबुक पेज पर कुछ वीडियो अपलोड किए गए हैं। तंज कसा है कि ‘शरीर तो बूढ़ा हो जाता है पर अरमान जो जवान रहते हैं’। मौकापरस्त और भगौड़ा जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया है।