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विधानसभा बजट सत्र: वन अधिकार कानून के दावों पर सदन में उलझे मंत्री मारकंडा और विधायक जगत नेगी

Thu, 24 Feb 2022 09:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रश्नकाल के दौरान वन अधिकार कानून के दावों को लेकर सदन में जनजातीय मंत्री रामलाल मारकंडा और किन्नौर से विधायक जगत सिंह नेगी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विधायक नेगी ने मंत्री के व्याख्यान पर सवाल उठाते हुए लिखित उत्तर में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
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मंत्री रामलाल मारकंडा और विधायक जगत नेगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन गुरुवार सुबह प्रश्नकाल के दौरान वन अधिकार कानून के दावों को लेकर सदन में जनजातीय मंत्री रामलाल मारकंडा और किन्नौर से विधायक जगत सिंह नेगी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विधायक नेगी ने मंत्री के व्याख्यान पर सवाल उठाते हुए लिखित उत्तर में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। शोकोद्गार प्रस्ताव के बाद सदन में शुरू हुए प्रश्नकाल के दौरान विधायक आशीष बुटेल ने दावों के निपटारे न होने का मामला उठाया। इस पर मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि वन अधिकार कमेटियों के पास अधूरे आवेदन आने से मामले बढ़े हैं। इन्हें दुरुस्त करने को कहा गया है। किसी भी आवेदन को खारिज नहीं किया है। जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर मंजूरियां दी जाएंगी।

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विधायक राकेश सिंघा ने भी मामले लंबित होने पर आपत्ति जताई। मंत्री मारकंडा ने कहा कि वन अधिकार कानून के तहत मामलों के निपटारे के लिए मंडी और शिमला स्थित हिपा में राज्य स्तर का प्रशिक्षण दिया गया है। जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इस पर विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि विधानसभा सत्र के शीत सत्र में इस मामले को लेकर कुछ और जानकारी दी थी। अब बजट सत्र में अन्य जानकारी दे दी गई है। प्रशिक्षण जनजातीय क्षेत्रों में करवाने की जगह मंडी और शिमला में करवाए जा रहे हैं। सरकार गलत जानकारी देकर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। इस पर मंत्री मारकंडा ने कहा कि विधायक नेगी हर बात को बढ़ा-चढ़ा कर बताते हैं। अगस्त 2021 तक की जानकारी सदन में रखी गई है। आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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