सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले में बखतू खान निवासी सरोगा डाकघर आयल के बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वह दिनभर जंगल में जड़ी-बूटी खोजने गया हुआ था और शाम को अपने नए घर लाहरूड़ी लौट आया था। रात करीब आठ बजे उसने आयल से साहू जाने वाले रास्ते की ओर से शोर-शराबा सुना। बाहर निकलकर देखने पर कुछ लोग नारेबाजी करते हुए उसके घर की ओर आते दिखाई दिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार भीड़ को देखकर वह डर के कारण घर के समीप छिप गया। आरोप है कि इसके बाद लोगों ने उसके घर पर पथराव किया और फिर उसके घर को आग के हवाले कर दिया। शिकायत में दुनी चंद (पूर्व प्रधान आयल), होम देई, शेर सिंह, बृज लाल, केहर सिंह, गगन, तेज सिंह, रमेश, डोगरी, केवल तथा कुलदीप सहित 11 लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में मंजूर अहमद निवासी खजराला ने उसे बताया कि उक्त लोगों ने जान मुहम्मद निवासी खजराला के घर को भी आग लगा दी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार पंचायत चुनाव के दौरान उसे और उसके परिवार को कथित रूप से एक पक्ष विशेष के समर्थन में मतदान करने के लिए धमकियां दी गई थीं और उसी रंजिश के चलते यह घटना हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 326 (जी) और 352 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने बताया कि मामले की जांच जारी है तथा पुलिस विभिन्न पहलुओं से साक्ष्य एकत्र कर रही है।