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सीएम ने कर्मचारियों को दिए तोहफे, पढ़िए बजट में किसे क्या मिला?

Tue, 08 Mar 2016 09:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल सरकार ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल सरकार ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है। बजट में हर तबके के लिए घोषणाएं की गई हैं। सीएम वीरभद्र ने सबसे ज्यादा कर्मचारियों के लिए घोषणाएं की हैं। इसके तहत 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अनुबंध कर्मचारियों को अब रेग्यूलर कर दिया जाएगा।
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घोषणा के अनुसार 31 मार्च और 30 सितंबर को पांच साल का कार्यकाल पूरा करते ही कर्मचारियों को नियमित कर दिया जाएगा। इसके अलावा सात साल का कार्यकाल पूरा करने वाले सभी दिहाड़ीदारों को भी नियमित किया जाएगा। आठ साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अंशकालिकों को दिहाड़ीदार बनाया जाएगा।

अनुबंध कर्मचारियों का पारिश्रमिक ग्रेड पे 50 फीसदी तक बढ़ाया जाएगा। नियमित कर्मचारियों और पैंशनरों को 5 फीसदी मूल वेतन अंतरित सहायता प्रस्तावित की गई है। वहीं, होमगार्ड की दिहाड़ी भी बढ़ाकर 280 से बढ़ाकर 350 रुपए कर दी गई है।
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कर्मचारियों, पंचायती राज प्रतिनिधियों का बढ़ा मानदेय

शिक्षकों पर सीएम वीरभद्र इस बार खूब मेहरबान हुए हैं। - फोटो : अमर उजाला
दिहाड़ीदारों की दैनिक मजदूरी 180 से 200 रुपए कर दी गई है। अंशकालिक जलवाहकों का मानदेय 1700 से 1900 रुपए कर दिया गया है। वाटर गार्डों का अनुदान 1500, सिलाई अध्यापिकाओं का मानदेय 2000 से 2300, पंचायत चौकीदारों का 1850 से 2050 किया गया है।

कर्मचारियों और पैंशनरों को 6 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा पैंशन 600 से 650 की गई है। ग्रामीण विद्या उपासक का मानदेय दोगुना किया जाएगा। नारी सेवा सदनों में रहने वाली महिलाओं के विवाह की राशि 25000 से 50000, कन्या भ्रूण हत्या के मामलों की सही जानकारी देने वालों को 10 हजार की बजाए एक लाख की राशि दी जाएगी।

70 फीसदी से ज्यादा विकलांग लोगों और 80 साल से ज्यादा के बुजुर्गों की पैंशन 1100 से 1200 की गई है। नए सरकारी आवास निर्माण के लिए 35 करोड़ का बजट और रखरखाव के ‌लिए 20 करोड़ का बजट रखा गया है।

159 करोड़ की 27 परियोजनाएं अनुमोदित- अमरूत योजना के तहत शिमला शहर को शामिल किया गया है। प्रदेश वार्षिक कार्य योजना में 159 करोड़ की लागत वाली 27 परियोजनाओं को अनुमोदित किया गया है। 

ऑनलाइन नक्शे की स्वीकृतियां- शिमला योजना और साडा क्षेत्र में पायलट आधार पर ऑनलाइन योजना स्वीकृति मिलेगी। लोग अब आनलाइन भी नक्शे की स्वीकृतियां प्राप्त कर सकेंगे। 

नौकरियों का भी खुला पिटारा

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत राशि को बढ़ाकर 40 हजार रुपए किया गया है। - फोटो : अमर उजाला
विभिन्‍न विभागों में 13000 कार्यमूलक पदों को भरा जाएगा। हर विधानसभा क्षेत्र में दो आदर्श विद्यालय खोले जाएंगे। आदर्श विद्यालय पर 30 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इनमें 12वीं के छात्रों को भी अब मुफ्त वर्दी देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा छात्रों को पढ़ाई के लिए 10 लाख तक के लोन की सुविधा देने का फैसला लिया है।

इसके अलावा युद्घ स्मारक संग्रहालय धर्मशाला के ‌लिए 5 करोड़, पुलिस आवास के लिए 30 करोड़, तहसीलों, उप तहसीलों में राजस्व आवास को 10 करोड़, प्रेस क्लबों के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है। इसके अलावा कौशल विकास के लिए 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत राशि को बढ़ाकर 40 हजार रुपए किया गया है। बद्दी और कुल्लू में महिला पुलिस थाने खोलने की घोषणा भी बजट में की गई। लौह व स्टील पर एंट्री गुड्स टैक्स को घटाया गया है। फायर, पुलिस और कोर्ट के लिए 1038 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के लिए इस बार 1689 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है। दूर दराज के इलाकों में स्वास्‍थ्य सेवाएं मजबूत करने के लिए टेली मेडिसीन योजना शुरू की जाएगी। इसके अलावा सिंचाई के लिए भी कई योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

सैनिकों के लिए सरकार ने बढ़ाई सम्मान राशि

विधानसभा में राज्य सभा सांसद आनंद शर्मा से मुलाकात के दौरान सीएम वीरभद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला
सरकार ने परमवीर चक्र विजेताओं और अशोक चक्र विजेताओं की सम्मान राशि 25 से 30 लाख, वार्षिकी राशि सवा लाख से 3 लाख, महावीर चक्र विजेताओं की एक मुश्त राशि 15 से 20 लाख रुपए की गई है।

शिमला में विधि विश्वविद्यालय की स्‍थापना की जाएगी। पीएटी अध्यापकों को एनसीटीई के द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण के बाद नियमित किया जाएगा। कौशल विकास भत्ता के लिए 100 करोड़ का बजट जबकि राज्य युवा बोर्ड को एक करोड़ रुपए की अनुदान राशि दी जाएगी।

सफाई कर्मचारियों एवं ट्रीटमेंट प्लांटों में कार्यरत कर्मियों को जीवन बीमा के दायरे में लाया जाएगा। शिमला में मानसिक रूप से अक्षम 50 बच्चों के लिए आवासीय संस्‍थान बनाया जाएगा। सुंदरनगर में 150 छात्राओं के ‌लिए विशेष छात्रावास सुविधा, प्रदेश में 7 अग्निशमन केंद्र खोलना प्रस्तावित है।

इनका भी बढ़ाया गया मानदेय, अब इतना मिलेगा

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शहरी स्‍थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनि‌धियों के मानदेय में भी वृद्घि की गई है। इसके अनुसार नगर पंचायत अध्यक्ष का मानदेय 2500 से 3500, उपाध्यक्ष का 2000 से 2800 और सदस्यों का मानदेय 1000 से 1500 किया गया है।

नप अध्यक्ष का मानदेय 3000 से 4000, उपाध्यक्ष और सदस्यों का 1200 से 1700 रुपए किया गया है। एमसी शिमला व धर्मशाला के मेयर का वेतन 6500 से 8000 और उपमहापौर का मानदेय 4500 से 6000 किया गया है।

पार्षदों को अब 3000 की जगह 4000 रुपए दिए जाएंगे। जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय 6500 से 8000, उपाध्यक्ष का 4500 से 6000, सदस्यों का 2400 से 3000 रुपए मासिक किया गया है। पंचायत समिति अध्यक्ष का मानदेय 3500 से 5000, उपाध्यक्ष का 2400 से 3500 और सदस्यों का 2100 से 2500 रुपए किया गया है।

इसी तरह पंचायत प्रधान का मानदेय 2100 से 3000, उपप्रधान का 1800 से 2200 और सदस्यों का 200 से 225 रुपए किया गया है।

विद्यार्थियों के लिए खोला पिटारा, 6 हजार करोड़ का प्रावधान

बोर्ड की परीक्षाओं में शत प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षकों को एक साल का सेवा विस्तार। - फोटो : Demo Pic
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस साल शिक्षा के क्षेत्र पर खासा फोकस किया है। यही कारण है कि साल 2016-17 के बजट में उन्होंने शिक्षा विभाग पर 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत विभिन्न नई योजनाओं के अलावा पुरानी योजनाओं को स्वयं सिद्धम परियोजना व राजीव गांधी डिजिटल योजना के दूसरे चरण को भी लागू किया है। 

सीएम ने इस साल के बजट में विद्यार्थियों के लिए पिटारा खोल दिया है। देश के विभिन्न मान्यता प्राप्त संस्थानों से व्यावसायिक एवं तकनीकी उच्च अध्ययन के लिए अब मुख्यमंत्री ज्ञानदीप योजना के तहत दस लाख का लोन लेने पर सरकार चार प्रतिशत तक ब्याज अनुदान देगी। इसके लिए आय सीमा को भी खत्म कर दिया गया है। 

प्रदेश में लागू होगी मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना- सीएम ने इस साल के बजट में मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना लागू करने की घोषणा की है। इसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र के दो वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं को आदर्श विद्यालय नामित कर अत्याधुनिक तकनीक का ढांचा व पढ़ाने की सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। इसके लिए तीस करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित किया गया है। 

प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार ने अनोखी पहल की है। अब ऐसे शिक्षक जिन्होंने पिछले पांच साल में शिक्षा विभाग द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले विषयों में बोर्ड की परीक्षाओं में शत प्रतिशत परिणाम दिया है, उन्हें पुरस्कारस्वरूप एक साल का सेवा विस्तार दिया जाएगा। इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की पढ़ाने में रुचि बढ़ेगी। साथ ही शिक्षा का स्तर भी बढ़ेगा।

10 हजार मेधावी छात्रों को नेटबुक

सीएम ने मेधावी छात्रों को 10 हजार नेटबुक वितरित करने की घोषणा की है। - फोटो : Demo Pic
सीएम ने बजट में राजीव गांधी डिजिटल योजना के अंतर्गत दसवीं व बारहवीं के मेधावी छात्रों को 10 हजार नेटबुक वितरित करने की घोषणा की है। इसके अलावा आईसीटी स्कूल योजना के दूसरे चरण को लागू करने की घोषणा की है। इसके अलावा पिछले साल 2153 स्कूलों में शुरू हुई स्वयं सिद्धम परियोजना के दूसरे चरण में 340 स्कूलों में लागू करने की घोषणा की।

इस साल मुख्यमंत्री वर्दी योजना के तहत 10+2 के 1.34 लाख बच्चों को स्कूली वर्दी वितरित की जाएगी। अभी तक सिर्फ पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को ही सरकार वर्दी मुहैया कराती थी। लेकिन इस साल इसमें ग्यारहवीं व बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी जोड़ दिया गया है।

आईजीएस अनुदेशकों को दोगुना मानदेय- आईजीएस अनुदेशकों को ग्रामीण विद्या उपासक के रूप में परिवर्तित कर दिया गा है। इसके साथ ही उनके 3500 रुपये के मानदेय को भी दोगुना कर 7 हजार प्रतिमाह करने की घोषणा की है। इसके साथ ही प्राथमिक सहायक अध्यापकों (पीएटी) जिन्होंने एनसीटीई की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, उन्हें नियमित करने की भी घोषणा की है। 

हर कॉलेज में होगा संगीत विषय- सभी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक वोकल, सहायक प्राध्यापक वाद्य यंत्र तथा तबला वादक के पदों को गठित व भरकर संगीत विषय प्रारंभ करेंगे। साथ ही सभी कालेजों व सरकारी पुस्तकालयों में लाइब्रेरियन के पदों को भरने की घोषणा की है। साथ ही डीपीई व पीईटी व कला अध्यापकों के पदों को भी भरने की घोषणा की है।

 तकनीकी शिक्षा पर खर्च होंगे 204 करोड़- इस साल तकनीकी शिक्षा पर 204 करोड़ रुपये के खर्च का खाका सरकार ने तैयार किया है। इसके अलावा कांगड़ा के रेहन में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान खोलने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

दस महाविद्यालयों में चलेंगे वोकेशनल कोर्स- प्रदेश के दस महाविद्यालयों में बैचलर ऑफ वोकेशनल कोर्सेज और विभिन्न राजकीय कॉलेजों में एनएसक्यूएफ से संबद्घ शार्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इससे युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध होंगे। 

हिमाचल में चलेंगी इलेक्ट्रिकल बसें

प्रदूषण कम करने को सरकार ने यह फैसला लिया है। - फोटो : Demo Pic
हिमाचल में इलेक्ट्रिकल बसें चलेंगी। प्रदेश में प्रदूषण कम करने को सरकार ने फैसला लिया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों तक विद्युत गाड़ियों को टोकन टैक्स, पंजीकरण शुल्क और वैट से पूर्ण छूट मिलेगी। 

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सभी बस अड्डों के निर्माण के लिए बस अड्डा प्रबंधन और विकास प्राधिकरण को उनके अपने साधनों के अतिरिक्त 10 करोड़ के बजट आवंटन करने का फैसला लिया है। 

मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में परिवहन निगम की अनुदान राशि को 200 रुपये से बढ़ाकर 250 करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4 परिवहन नगरों के सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) के आधार पर विकास होगा। 

बेरोजगारों को मिलेंगे परमिट- गत तीन वर्षों में सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में नए संपर्क मार्ग बनाए हैं। इन संपर्क मार्गों को विशेष सड़क कर से मुक्त किया जाएगा। बेरोजगार युवकों को इसके रूट मिलेंगे।

हर हिमाचली को मिलेगी सस्ती सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा

योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती रोगी को 30 हजार और गंभीर बीमारी के लिए 1.75 लाख का क्रिटिकल देखरेख पैकेज देने की व्यवस्था की गई है। - फोटो : Demo Pic
प्रदेश के हर व्यक्ति को सस्ती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम की घोषणा की है। इस घोषणा के साथ ही हिमाचल देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा, जो प्रदेश के हर नागरिक को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगा। 

इस योजना के तहत हर वह व्यक्ति लाया जाएगा, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) और मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य सेवा योजना के अंतर्गत नहीं आते हैं। लाभार्थी को इसके लिए महज एक रुपये प्रति दिन के हिसाब से कुल 365 रुपये प्रतिवर्ष अपने स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए देने होंगे। 

योजना के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती रोगी को 30 हजार और गंभीर बीमारी के लिए 1.75 लाख का क्रिटिकल देखरेख पैकेज देने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने बजट में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए 1689 करोड़ का प्रावधान करने प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा आयुर्वेद विभाग के लिए भी 250 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित किया है।

ऑनलाइन होगी आईजीएमसी की पंजीकरण व्यवस्था

आईजीएमसी - फोटो : फाइल फोटो
प्रदेश के नामी मेडिकल कॉलेजों में से एक इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय और डा. राजेंद्र प्रसाद आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में पंजीकरण को ऑनलाइन करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा बाहर से आए लोगों को विभागों के बाहर कतार लगाकर खड़े होने की सुविधा देने के लिए टोकन नंबर वितरण प्रणाली का प्रस्ताव किया गया है। 

नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में परीक्षण कराने की सुविधा- राज्य सरकार ने बजट में यह भी प्रस्ताव किया है कि विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजनाओं से जुड़े व्यक्तियों को दो साल में एक बार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहन देने के लिए सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में एक करोड़ की शोध निधि प्रस्तावित की गई है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों को तैयार करने पर जोर- प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य विशेषज्ञों को तैयार करने के लिए 200 से अधिक बिस्तर वाले सभी रीजनरल तथा जोनल अस्पतालों में डिप्लोमेट नेशनल बोर्ड कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा प्रदेश के सभी अस्पतालों में 56 दवाएं मुफ्त में लोगों को वितरित की जाएंगी।

13 हजार पद भरेगी हिमाचल सरकार

जूनियर आफिस असिस्टेंट आइटी के 800 पद भरे जाएंगे। - फोटो : Demo Pic
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 13 हजार से ज्यादा कार्यमूलक पदों को भी भरने का एलान किया। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में सहायक आचार्यों के 400, पीजीटी आईपी के 610 और आवश्यकता के मुताबिक पीजीटी आईपी के पदों का सृजन किया जाएगा। पीजीटी के 500, टीजीटी के 1700, सीएंडवी जैसे ओटी, एलटी, डीएम, पीईटी के 1500, जेबीटी के 700, पटवारी प्रशिक्षार्थियों के 1120,

चिकित्सकों के 250, नर्सों के 400, पैरामेडिक्स के 650, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को 200, आयुर्वेदिक चिकित्सकों के 100, पशु चिकित्सकों के 40 और वेटरनरी फार्मासिस्टों के 100 पद भरे जाएंगे। सहायक अभियंता के 50, जेई के 250, पंप आपरेटरों के 302, फिटर के 352, कनिष्ठ ड्राफ्टमैन के 140, सर्वेयरों के भी 140, पुलिसकर्मियों के 300 महिला कर्मियों सहित 1500, रेंज

वन अधिकारियों के 50, वन रक्षकों के 400, जूनियर आफिस असिस्टेंट आइटी के 800, कोच के 50, फायरमैन के 70, ड्राइवर-पंप आपरेटर के 35, आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों के 150 और विभिन्न विभागों के 800 अन्य पदों को भरा जाएगा। 

मुख्यमंत्री आवास योजना- अभी तक विभिन्न योजनाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बीपीएल परिवारों का ही घरों का ही अभी तक आवास योजनाओं में घरों का निर्माण हो रहा था। अब सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवारों के मकान बनाने के लिए नई योजना मुख्यमंत्री आवास योजना की घोषणा की गई है। वर्ष 2016-17 में विभिन्न आवास योजनाओं के तहत 12000 घरों का निर्माण होगा। 

विधायक निधि को 75 से बढ़ाकर एक करोड़ किया- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पूर्व की बैठकों में विधानसभा सदस्यों के आग्रह पर विधायक निधि को 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये किया जाता है। इसके अलावा स्वैच्छिक निधि को चार से बढ़ाकर पांच लाख किया जाता है।

प्रदेश की हर बस्ती सड़क सुविधा से जुड़ेगी

सड़क योजना के लिए 50 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। - फोटो : Demo Pic
प्रदेश सरकार बस्तियों तक सड़क पहुंचाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मुख्यमंत्री सड़क योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 2354 सड़क कार्यों में से 1933 सड़कों का काम पूरा किया गया है। 3689 बस्तियों में से 3318 बस्तियों को जोड़ लिया है। 

भारत सरकार को 732 करोड़ की लागत वाला मामला प्रस्तुत किया है। इसमें 26 पुल और 188 परियोजनाएं शामिल हैं। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार से पठानकोट-जोगेंद्रनगर- मंडी, बद्दी- नालागढ़, सोलन-कैथलीघाट, कैथलीघाट-शिमला, नेरचौक-टकोली-

कुल्लू, राष्ट्रीय उच्च मार्ग को 4 लोन करने और कुल्लू मनाली को दो लेन करने का मामला उठाया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने विश्व बैंक परियोजना -1 को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। सीएम ने लोक निर्माण विभाग के लिए 3,054 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। 

2016-17 में 400 किलोमीटर वाहन योग्य सड़कें बनेंगी- सीएम ने वर्ष 2016-17 में 400 किलोमीटर वाहन योग्य सड़क और 20 पुल बनाए जाने प्रस्तावित हैं। 500 नई सड़कों को पक्का किया जाएगा। इसके अलावा सड़क के किनारे स्टील क्रैश बैरियर लगाने के लिए 50 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।  

मनरेगा की तर्ज पर शहरों में चलेगी लक्ष्य योजना

आजीविका कमाने के लिए 10 लाख रुपये के अनुदान का प्रावधान किया है। - फोटो : Demo Pic
ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आ रहे लोगों को आजीविका कमाने के लिए अब मनरेगा की तर्ज पर शहरों में लक्ष्य योजना शुरू होगी। प्रदेश सरकार ने इसका नाम लाल बहादुर शास्त्री कामगार एवं शहरी आजीविका योजना रखा है। इसे नगर पालिकाओं के सभी विलय किए गए वार्ड और नवनिर्मित नगर पंचायतों में लागू किया जाएगा। 

शहरी आधारभूत संरचना के विकास के लिए और तीन वर्ष तक मनरेगा जैसी योजना द्वारा आजीविका प्रदान करने के लिए 10 लाख रुपये अनुदान के रूप में  प्र्रावधान किया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को पेश किए अपने बजट भाषण में कहा है

कि अगर कोई शहरी निकाय अपनी निधि से पार्किंग का निर्माण करना चाहता है तो सरकार इन्हें 50 फीसदी अनुदान देगी। इसके लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। नए पार्क बनाने के लिए कुल लागत की 50 फीसदी राशि सरकार देगी।

आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती पर प्रतिबंध

वर्तमान विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार ने अपने बजट भाषण में वेतन वृद्धि करने की बात कही है। - फोटो : Demo Pic
प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब सरकार किसी भी विभाग में आउटसोर्स पर कर्मचारियों की तैनाती नहीं करेगी। वर्तमान विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार ने अपने बजट भाषण में वेतन वृद्धि करने की बात कही है। 

वर्तमान प्रदेश के विभिन्न विभागों में 30 हजार के करीब ऐसे कर्मचारी हैं, जिनकी नियुक्ति आउटसोर्स पर हुई है। अन्य विभागों की अपेक्षा शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा कर्मचारियों की आउटसोर्स पर भर्ती हुई है। सरकारी स्कूल में 14 सौ के करीब ऐसे शिक्षक हैं, जो आउट सोर्स पर सेवाएं दे रहे हैं। 

इसके अलावा खाद्य आपूर्ति विभाग, निगम, शहरी विकास विभाग, बिजली बोर्ड आदि अन्य विभागों में कंपनियों के तहत कर्मचारियों की तैनाती हुई है। सरकार बीते 8 - 9 साल से विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू साइन करती रही है। इसके तहत सरकार कंपनी को पैसा देती है। 

कंपनियां इन कर्मचारियों की सरकार के मुताबिक विभागों में तैनात करके इन्हें मासिक वेतन जारी करती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह विधानसभा में कह चुके हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों को एक दिहाड़ीदार से भी कम तनख्वाह मिल रही है। इसमें सिर्फ कंपनियों को ही फायदा हो रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती पर रोक लगाने का फैसला लिया है।  

हिमाचल में होगा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन

डाकखाना खाता योजना से पैंशनरों को घर बैठे मिलेगी पैंशन। - फोटो : हिमाचल प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लाट में कार्यरत लोग समाज के अति संवेदनशील वर्ग है। इन वर्गों को जीवन बीमा के तहत लाया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के वितरण के लिए आधार नंबर आधारित डाकखाना खाता योजना लागू की जाएगी। इसे पायलट आधार पर कुल्लू और मंडी दो जिलों में लागू किया जाएगा। इससे पैंशनरों को घर बैठे पैंशन प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि निशुल्क व्यक्ति अधिनियम 1995 को सही मायनों में मानसिक रोगियों को भी सम्मिलत किया गया है। 

जीवन चक्र आधारित इस योजना में आजीविका उपलब्ध, उपयुक्त शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ प्रोत्साहन और अन्य कार्य किए जाएंगे। इस योजना के लिए 5 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। गैर - सरकारी संस्थाओं की भागीदारी से शिमला में मानसिक रूप से अक्षम 50 बच्चों के लिए आवासीय संस्थान बनाए जाएंगे। 

छात्रावास बनेंगे- दृष्टिहीन, बधिर और विकलांग बच्चों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सुंदरनगर स्थित विशिष्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में उनका नामांकन सुनिश्चित करने के उदेश्य से वर्ष 2016-17 से इस तरह की 150 कन्याओं के लिए 10 करोड़ की लागत से विशेष छात्रावास आरंभ कर दिया जाएगा। इसी श्रेणी के 50 बालकों के लिए 4.50 करोड़ की लागत से छात्रावास बनाए जाएंगे। 

सामाजिक सुरक्षा पैंशन में बढ़ोतरी- सीएम ने कहा कि वर्ष 2016-17 में सामाजिक सुरक्षा पैंशन को 600 से बढ़ाकर 650 रुपये किया गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री ने 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों जो अन्य कोई पैंशन प्राप्त नहीं कर रहे हैं। उनकी पैंशन 11 सौ से बढ़ाकर 1200 रुपये की गई है। 

युवा विधवा की पैंशन में बढ़ोतरी- 45 वर्ष से कम की विधवा माताओं को 600 रुपये प्रतिमाह के स्थान पर अब 1200 रुपये पैंशन प्रदान की जाएगी।

नेशनल में बेहतर प्रदर्शन पर मिलेगा डेढ़ लाख का पुरस्कार

स्पोर्ट्स - फोटो : Demo Pic
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बी-वर्ग में वरिष्ठ राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तिगत तथा टीम स्पर्धा में मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि को क्रमश:  80,000 से बढ़ाकर 1.50 लाख तथा 16000 से बढ़ाकर 35000 रुपये की घोषणा की है। इसी प्रकार सी- वर्ग में यह राशि 8000 से बढ़ाकर 20,000 तथा 4800 से बढ़ाकर 10,000 की गई। 

जिला खेल संघ को वर्ग-ए में 10,000 से 15,000 रुपये, वर्ग-बी  में 8000 से 12000 और वर्ग -सी में 5000 से 8000 तक अनुदान राशि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसी वर्ग-ए के लिए 1 लाख से 1.25, वर्ग बी के लिए 75000 से 1 लाख तथा वर्ग-सी के लिए 50,000 से 75000 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। परशुराम पुरस्कार की राशि को बढ़ाया- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पुरस्कार की राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख करने का फैसला लिया है। 

15 करोड़ बजट का प्रावधान- मुख्यमंत्री ने राज्य युवा बोर्ड को 1 करोड़ के सहायता अनुदान की घोषणा की है। जिला मुख्यालय में बहुउद्देश्यीय अंतरंग खेल परिसरों तथा खेल मैदानों, सुविधाओं के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। 

522 करोड़ से होगी वनों की प्रभावी सुरक्षा

जंगली जानवरों के निवास स्थानों व संरक्षित क्षेत्रों का नवीनीकरण होगा। - फोटो : Demo Pic
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने बजट में वन विभाग के लिए 522 करोड़ के बजट का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अनुमतियों को शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए एक अनुश्रवण प्रणाली लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश लोक प्रशिक्षण संस्थान वन्य मामलों को तैयार करने के लिए सभी विभागों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

वहीं, संघीय जर्मन गणतंत्र के केएफ डब्ल्यू बैंक ने एचपी फारेस्ट ईको सिस्टम क्लाइमेट प्रूफिंग प्रोजेक्ट के लिए 240 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। बताया कि सीएएमपीए के तहत 226 करोड़ की एक परियोजना स्वीकृत होने की संभावना है जिससे जंगली जानवरों के निवास स्थानों व संरक्षित क्षेत्रों का नवीनीकरण होगा। 

100 ट्राउट इकाइयों की स्थापना को देंगे आर्थिक सहयोग- प्रदेश में इस समय ट्राउट मछली के उत्पादन के लिए 600 किलोमीटर की जलधाराएं हैं। मछली उत्पदान को बढ़ावा देने के लिए साल 2016-17 में 100 ट्राउट इकाइयों की स्थापना के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रदेश में इस समय 570 ट्राउट इकाइयों की स्थापना की जा चुकी हैं।

250 मछुआरों को देगी प्रोत्साहन- सरकार नवनिर्मित कोल डैम जलाशय में 250 मछुआरों को व्यावसायिक स्तर पर मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित करेगी। शिमला जिले की सुन्नी तहसील में मत्स्य पालन के लिए विकास के लिए एक नए महाशीर हैचरी कम कार्प प्रजनन केंद्र का निर्माण किया जाएगा।

प्राइवेट हैलीकॉप्टरों उतारने को संजौली के पास बनेगा हैलीपैड

हैलीपैड - फोटो : Demo Pic
प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें शिमला में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संजौली के नजदीक एक हैलीपैड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें निजी हैलीकॉप्टरों को उतारने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा शहरी, नगर नियोजन अधिनियम और नियमों के तहत फ्लोर एरिया रेशो और होटलों की मंजिलें बढ़ाने की घोषणा की है। 

सिर्फ दस प्रतिशत लगेगा मनोरंजन कर- मनोरंजन के साधनों को बढ़ावा देने, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को इन साधनों को उपभोग करने के लिए सरकार ने मनोरंजन कर कम करने की घोषणा की है। प्रदेश के रज्जू मार्गों पर लगने वाले 25 प्रतिशत तथा सिनेमा हालों पर लगने वाले 20 प्रतिशत टैक्स को घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा नए सिनेमाघरों को पांच साल तक मनोरंजन कर से मुक्त रखा जाएगा। 

मनाली में बनेगा कृत्रिम रॉक क्लाइंबिंग केंद्र- राज्य में पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने हिमालय सर्किट स्वदेश दर्शन परियोजना के अंतर्गत पर्यटन विभाग ने 100 करोड़ की लागत वाली परियोजना प्रस्तुत की है। इस योजना के अंतर्गत मनाली में एक कृत्रिम रॉक क्लाइंबिंग केंद्र का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा लंबी लीज के आधार पर शोजा, झटीगरी, बिलासपुर, सुकेति तथा बद्दी में पर्यटन गतिविधिया जैसे सैरगाह, मनोरंजन स्थल, गोल्फ कोर्स विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र को दिए जाएंगे।

ऊर्जा विभाग के लिए 1154 करोड़ का बजट प्रस्तावित

सौर ऊर्जा - फोटो : Demo Pic
प्रदेश सरकार ने बहुउद्देशीय परियोजनाएं तथा ऊर्जा विभाग के लिए कुल 1154 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। छतों पर ग्रिड इंटरेक्टिव रूप टॉप प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया है। इस प्रोजेक्ट में नेट मीटरिंग स्कीम के अंतर्गत 70 प्रतिशत आर्थिक सहायता व 5 रुपये प्रति इकाई विकसित करने वालों को प्रदान की जाएगी। 

वहीं, प्रदेश सरकार ने 2.5 मेगावाट सौ हाइब्रिड परियोजना काजा को कार्यान्वित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सौर ऊर्जा निगम का गठन किया है। सीएम ने यह भी कहा है कि जल विद्युत परियोजना के लीज देने का कार्य सरल बनाया जाएगा एवं लीज की दर में भी कमी की जाएगी। 

इक्विटी के तहत बोर्ड को देगी 50 करोड़- ग्रामीण क्षेत्रों में नए पोल एवं ट्रांसफार्मर लगाकर लाइनों के उन्नययन के लिए राज्य सरकार प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड को इक्विटी के अंतर्गत 50 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्रदान करेगी। साथ ही साल 2016-17 में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के 56 करोड़ के ब्याज की अदायगी भी करेगी। प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं को उपदान दरों पर विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए 410 का बजट परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। 

मिलेगी 3 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी पर छूट- प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भी  सरकार ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव किया है। आवास का पंजीकरण महिला के नाम पर होने पर 3 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी ली जाएगी। पुरुषों से 6 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी ली जाती है। 

आवारा पशु छोड़ने वाले मालिकों की होगी पहचान

पंचायत पशुधन पुरस्कार योजना के तहत 5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। - फोटो : Demo Pic
आवारा पशु छोड़ने वाले मालिकों को पहचाने के लिए पशुओं का पंजीकरण और पशु गोदने की योजना को कठोरता से लागू किया जाएगा। ऐसी पंचायतें शत प्रतिशत पशु का पंजीकरण करें। जो लोग पशुओं को आवारा नहीं छोड़ते, उन पंचायतों को पंचायत पशुधन पुरस्कार योजना के तहत 5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। 

खाद्य आपूर्ति विभाग के लिए 236 करोड़- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के लिए 236 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। कहा कि वर्ष 2007 में खाद्य उपदान योजना को आरंभ किया गया था। राशनकार्ड धारकों को 3 दालें, 2 खाद्य तेल और 1 किलो आयोडीन युक्त नमक उपदान पर दिया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2016-17 में इस योजना के लिए 210 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। 

दुध उत्पादकों से एक रुपये महंगा खरीदा जाएगा दूध- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दुध उत्पादकों से 1 रुपये प्रति किलो महंगा दूध खरीदने का फैसला लिया है। दूध प्रापण मूल्य को पहली अप्रैल 2016 से लागू किया जाएगा। प्रदेश दुग्ध संघ को वर्ष 2016-17 में 16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 

हर जिले में लगेंगी पशु मंडियां- कृत्रिम गर्भाधान और नस्ल गुणवत्ता की गतिविधियों को सुधारने के लिए हमीरपुर, सोलन और मंडी में नए द्रव्य नाइट्रोजन गैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस पर 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। खरीदारों और विक्रेताओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में प्रति माह पशु मंडियां लगाई जाएगी। 

भेड़ बकरियों के विकास को 4.25 करोड़- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भेड़ और बकरियों के विकास को 4.25 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। इस राशि का व्यय मोबाइल शीप डिप टैंक बनाने के लिए किया जाएगा। 5 जिलों में 8 लाख भेड़ों और बकरियों को डिपिंग सुविधा प्रदान की जाएगी। 

गौ सदन को मिलेगा इनाम- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गौ सदन खोलने के लिए गौ वंश संवर्धन बोर्ड के माध्यम से सहायता दी जाएगी। बोर्ड की ओर से आवारा पशुओं को शरण देने वाले गौ सदनों को इनाम भी दिया जाएगा।
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बीपीएल व्यक्तियों के घरों में लगेगी पट्टिका

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : फाइल फोटो
हिमाचल में बीपीएल सूची से अपात्र व्यक्तियों के नाम को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी बीपीएल परिवारों के आवास में प्रमुख स्थानों पर बीपीएल संकेत पट्टिका लगेगी। 

जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का मानदेय बढ़ा- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बजट में जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय 6500 से बढ़ाकर 8000 रुपये किया है। उपाध्यक्ष का मानदेय 4500 से बढ़ाकर 6000 रुपये, जिला परिषद सदस्य का मानदेय 2400 से बढ़ाकर 3000 रुपये किया है।    पंचायत समिति अध्यक्ष का मानदेय 3500 से बढ़ाकर 5000 रुपये, उपाध्यक्ष का 2400 से बढ़ाकर 3500 रुपये, सदस्य का 2100 से 2500 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला लिया है। 

इसी तरह ग्राम पंचायत प्रधान का मानदेय 2100 से बढ़ाकर 3000 रुपये, उपप्रधान का 1800 रुपये से बढ़ाकर 2200 रुपये और बैठक में भाग लेने के लिए सदस्यों का प्रति बैठक भत्ता 200 से बढ़ाकर 225 रुपये किया गया है। इस वृद्धि के बाद पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को 35 करोड़ प्रति वर्ष का मानदेय प्राप्त होगा। 

नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के कार्य दक्षता को 3 करोड़- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिह ने बजट भाषण में नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपना कार्य दक्षता से करने के लिए 3 करोड़ रुपये बजट परिव्यय का प्रावधान किया है। 

जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य भी मायूस नहीं- केंद्र सरकार ने 14वें वित्तायोग के तहत सीधे पंचायतों को धन देने की बात कही है। इससे पहले जिला परिषद और पंचायत समितियों को भी केंद्र सरकार धन उपलब्ध कराती थी।   लेकिन प्रदेश सरकार ने जिला परिषद और पंचायत समितियों को विकास कार्यों के लिए अपने बजट से धन उपलब्ध कराने की बात कही है। इसके लिए जिला परिषद, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को 130 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
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