हिमाचल में किसान-बागवान एंटी हेलनेट और पॉलीहाउस के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। कृषि विभाग ने वेबसाइट से एंटी हेलनेट और पॉली हाउस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाला पोर्टल ही हटा दिया है। किसानों-बागवानों ने इससे पहले भी हजारों के हिसाब से आवेदन कर रखे हैं। पोर्टल हटाने के बाद ये आवेदन भी फिलहाल रद्दी हो गए हैं। बताया जा रहा है कि कृषि विभाग में इन स्कीमों के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। इसके चलते विभाग ने आवेदन के पोर्टल को हटा दिया है। ऐसे में किसानों-बागवानों में सरकार के प्रति रोष है। एंटी हेलनेट, पॉलीहाउस के अलावा पॉलीहाउस रेनोवेशन का पोर्टल भी कृषि विभाग की साइट से गायब हो गया है। ऐसे में एक साल से आवेदन कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों और बागवानों की योजनाओं के लिए वरिष्ठता भी समाप्त हो गई है।
प्रदेश सरकार काम करने के लिए बनाई जाती है, काम बंद करने के लिए नहीं। सरकार का एंटी हेलनेट और पॉलीहाउस स्कीमों को बंद करने का फैसला पूरी तरह गलत है। विपक्ष इस फैसले की निंदा करता है। किसान और बागवानों के साथ विपक्ष खड़ा है।-जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम।
मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत तीन योजनाएं मर्ज हुई हैं। इसमें एंटी हेलनेट भी एक है। इसमें टोकन मनी रखी थी। फिलहाल योजना को डिसेबल किया गया है। इसके अलावा नूतन पॉलीहाउस योजना के लिए नाबार्ड से बजट का प्रावधान न होने पर डिसेबल किया गया है। बजट का प्रावधान होने और अधिक आवेदन आने पर इन्हें इनेबल किया जा सकता है। एंटी हेलनेट योजना बागवानी विभाग में भी उपलब्ध है। यहीं से बागवान अधिक लाभ उठा रहे हैं।-जीत सिंह ठाकुर, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग