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Himachal: मोटे अनाज के बीज पर 30 रुपये प्रतिकिलो सब्सिडी दे रहा कृषि विभाग

Wed, 03 May 2023 05:58 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा

सार

सरकार और विभागीय निदेशालय से जारी आदेशानुसार मोटे अनाज के बीजों पर विभाग प्रति किलो 30 रुपये का अनुदान दे रहा है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रागी, कोदरा, स्वांक, बाजरा और कुटकी के बीज पर कृषि विभाग 30 रुपये प्रति किलोग्राम अनुदान देगा। मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए खाद्य और कृषि संगठन ने अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष घोषित किया है। मोटा अनाज मधुमेह, खून की कमी पूरा करने और कोलेस्ट्रोल को कम करने में लाभदायक होता है।

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जिला चंबा में प्राचीनतम समय से मोटे अनाज की खेती की जाती है। कुछ समय से मोटे अनाज के अंतर्गत क्षेत्रफल धीरे-धीरे कम हो रहा है। अब मोटे अनाज की पैदावार बढ़ाने के लिए कृषि विभाग अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है। विभाग ने अब तक 40 जागरूकता शिविर भी लगाए हैं। सरकार और विभागीय निदेशालय से जारी आदेशानुसार मोटे अनाज के बीजों पर विभाग प्रति किलो 30 रुपये का अनुदान दे रहा है।

कम पोषक मृदा में भी उगाए जा सकता है मोटा अनाज
मोटा अनाज किसी भी जलवायु में पैदा हो जाता है। यह वर्षा आधारित खेती के लिए यह उपयुक्त फसल है। अधिक वर्षा बाले क्षेत्रों में खेतों से पानी की निकासी का पूर्ण प्रबंध होना आवश्यक है। इसकी खेती करने के लिए ज्यादा खाद और कीटनाशकों की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए कम पोषक मृदा में भी यह अनाज उगाया जा सकता है।
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मोटे अनाज के सेवन के ये हैं लाभ
स्वास्थ्य की दृष्टि से मोटा अनाज बहुत लाभदायक है। पोषक अनाज खाने से पाचन तंत्र ठीक होता है। ग्लाईसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण मोटा अनाज मधुमेह को नियंत्रित करता है। इसमें आयरन और कैल्शियम अधिक होने से यह खून की कमी को पूरा करता है। विटामिन बी3 होने से शरीर में कोलेस्ट्रोल को कम करता है। मोटे अनाज के बीज की बिजाई के लिए मई-जून या वर्षा ऋतु के आरंभ का मौसम उपयुक्त होता है। बरसात के मौसम में इसकी पैदावार के लिए उचित मात्रा में वर्षा का पानी मिल जाता है।

रागी के दानों को बिना छीले कर सकते हैं प्रयोग
अनाज को पकाने से पहले कूटकर या मशीन से इनका छिलका निकालना पड़ता है, लेकिन रागी के दानों को सीधा पकाकर या आटा बनाकर पकवान बनाए जा सकते हैं।

शहरों में लोगों ने मोटे अनाज का इस्तेमाल शुरू कर दिया हैं। बाजार में भी मोटे अनाज के मनमाने दाम मिलते हैं। विभागीय अधिकारी भी किसानों को अधिक से अधिक इसकी पैदावार के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। - डॉ. कुलदीप कुमार धीमान, कृषि उपनिदेशक

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