हिमाचल सरकार के प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग करने के फैसले पर केंद्र सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है। शुक्रवार को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से इसे लागू माना जाएगा।
जयराम मंत्रिमंडल के फैसला लेने के अगले ही दिन प्रदेश सरकार ने ट्रिब्यूनल में चल रहे केसों को स्थानांतरित करने के संबंध में हाईकोर्ट से अनुमति मांगी थी। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने तुरंत फाइल केंद्र सरकार को भेज दी।
सिफारिश का परीक्षण करने के बाद शुक्रवार को केंद्रीय कार्मिक विभाग ने भी इसे मंजूरी दे दी। इस संबंध में केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव श्रीनिवास आर कतिकिथाला की ओर से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
हालांकि अधिसूचना में यह भी लिखा गया है कि यह अधिसूचना गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू मानी जाएगी। बता दें कि कर्मचारियों के मामलों की सुनवाई के लिए प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच हमेशा खींचतान रही है।
भाजपा जहां सत्ता में आने पर इसे भंग कर देती है, वहीं कांग्रेस इसे बहाल करती रही है। पिछली वीरभद्र सरकार ने धूमल सरकार के फैसले को पलटते हुए उसे दोबारा शुरू कर दिया था। जयराम सरकार सत्ता में आई तो उसने भी वीरभद्र सरकार का फैसला पलटते हुए इसे भंग कर दिया।
हाल ही में मंत्रिमंडल की बैठक में इसे भंग करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसके बाद कर्मचारियों से लेकर अधिवक्ताओं ने इसका प्रदेश भर में भारी विरोध किया। हालांकि सरकार ने विरोधों को दरकिनार कर केंद्र को फाइल भेज दी, जिसके बाद शुक्रवार को केंद्र ने ट्रिब्यूनल को भंग करने की मंजूरी दे दी है।