फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरटीई एक्ट को पूरी तरह से लागू करने के आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि प्रदेश सरकार राइट टू एजूकेशन एक्ट के प्रावधानों की अनुपालना करवाए। निजी शिक्षण संस्थानों में भी संबंधित प्रावधान लागू होंगे। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक चौहान की खंडपीठ ने हिमालयन एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किए।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने साल 2011 में याचिका दायर कर न्यायालय से आरटीई एक्ट की अनुपालना करवाने, उसके तहत कारपोरल पनीश्मेंट को खत्म करने और विभिन्न कमेटियों का गठन करने के लिए सरकार को आदेश देने की गुहार लगाई थी। याचिकाकर्ता ने मंगलवार को अपनी बहस के दौरान कहा कि सरकार ने कमेटियों का गठन कर रखा है लेकिन कमेटियों की बैठकें निरंतर नहीं हो रही।

याचिकाकर्ता ने कहा कि प्रदेश में चल रहे विभिन्न निजी शैक्षणिक संस्थाओं में कानून लागू नहीं हुआ है। राज्य सरकार ने अपने हल्फनामे में बताया कि सरकार आरटीई कानून का पूर्णता अनुपालन कर रहा है। प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है।
विज्ञापन


प्रदेश स्तर पर शिकायत सैल का गठन भी किया गया है। सरकार ने कहा कि जमीनी स्तर पर सभी स्कूलों को कारपोरल पनीश्मेंट बारे दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निजी शिक्षण संस्थानों के संदर्भ में भी कानून सम्मत आदेश दिए गए हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

नेशनल हाइवे अथॉरिटी से रिपोर्ट तलब

हिमाचल हाईकोर्ट ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को आदेश दिए हैं कि शिमला से कालका राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर अवैध कब्जे संबंधित स्टेटस रिपोर्ट 27 जनवरी तक कोर्ट के समक्ष पेश करें। कोर्ट ने एनएच अथॉरिटी को आदेश दिए कि वो इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें और बताएं कि एनएचए ने हाइवे के साथ दोनों तरफ निर्माण करने की हाइवे इजाजत किसने किस-किस को दे रखी है।

हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला को भी आदेश दिए हैं कि वह ताजा शपथपत्र के माध्यम से शिमला शहर की सड़कों पर किए अवैध कब्जों का विवरण और उनके खिलाफ उठाये गए कदमों की जानकारी न्यायालय को दें। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग हिमाचल प्रदेश को आदेश दिए हैं कि वह अपने हाल ही के शपथपत्र में दर्शाए गए तमाम अवैध कब्जों को हटाएं।

लोक निर्माण विभाग शोघी, मैहली, जुन्गा, साधुपुल, संजौली, ढली बाईपास, कालका-शिमला हाइवे, कार्ट रोड, मोटर राउंड रोड और शिमला-नालागढ़ हाईवे 16 पर हुए अवैध कब्जों की जानकारी उच्च न्यायालय को दे चुका है। इस मामले पर आगामी सुनवाई 27 फरवरी को होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें