केंद्रीय विभागों और राज्यों के बीच योजनाओं को लेकर तालमेल स्थापित करने और अड़चनों को मौके पर दूर करने के लिए मोदी सरकार में शुरू हुई प्रगति बैठकों की तर्ज पर अब हिम प्रगति की बैठकें भी हुआ करेंगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणाओं में शामिल इस योजना के शुरू होने के बाद विभागों में आपस में तालमेल की कमी की वजह से अटके प्रोजेक्टों के रफ्तार पकड़ने की संभावना है।
मुख्यमंत्री के एलान के बाद शुरू होने वाली हिम प्रगति की इन बैठकों में हिम प्रगति पोर्टल पर प्रदेश से जुड़े हर प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और उसके आगे बढ़ने में आ रही दिक्कतों की जानकारी दर्ज होगी। इस जानकारी के आधार पर हिम प्रगति की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विभागों से पेश आ रही परेशानी जानने के साथ साथ मौके पर ही हल निकालने के लिए चर्चा किया करेंगे। सरकार के निर्देश पर नेशनल इनफॉर्मेशन सेंटर (एनआईसी) ने पोर्टल बनाने पर काम भी शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों की मानें तो इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद विभागों के बीच उलझे मामलों के निस्तारण और उसके बाद अगली बैठक में पिछले निर्णय के बाद की कार्य की प्रगति रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री ही लिया करेंगे। इससे न सिर्फ काम समय से पूरा होने में मदद मिलेगी बल्कि अफसर भी प्रोजेक्ट में देर होने पर विवाद का बहाना नहीं बना पाएंगे।