सूबे के बिल्डरों को अपने फ्लैट नियमित कराने महंगे पड़ेंगे। टीसीपी एक्ट में बिल्डरों को राहत नहीं दी जाएगी। इन बिल्डरों को अपने फ्लैट नियमित कराने के लिए भारी शुल्क चुकाना होगा। राज्य सरकार सिर्फ अवैध भवन मालिकों को राहत देने के लिए एक्ट में संशोधन कर शुल्क आधा व इससे भी कम करने पर विचार कर रही है। कोर और ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर प्रतिबंध लग सकता है। इन एरिया में पहले से बने अवैध भवनों को नियमित कराने का अंतिम मौका दिया जा सकता है।
प्रदेश सरकार ने जनता तो राहत देने के लिए टीसीपी अध्यादेश लाया था। लेकिन इसके तहत प्रदेश के किसी भी अवैध भवन मालिकों ने अपने भवन नियमित कराने के लिए आवेदन नहीं किया। इस एक्ट के तहत अगर किसी भवन मालिक को अगर 100 स्कवेयर मीटर तक का एरिया नियमित कराना होता तो 12 लाख रुपये तक की राशि जमा करानी पड़ती। लोगों को ये पॉलिसी पसंद नहीं आई और टीसीपी दफ्तर में इस पॉलिसी को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसके चलते सरकार ने भवन नियमित कराने में शुल्क को आधा करने का फैसला लिया है।