देश में कन्या भ्रूण हत्या के चलते जहां महिला-पुरुष लिंगानुपात गड़बड़ा गया है वहीं हिमाचल के लाहौल स्पीति में न केवल महिलाओं का अनुपात पुरुषों की तुलना में बेहतर है बल्कि बेटी के पैदा होने पर यहां जश्न भी मनाया जाता है। कन्या भ्रूण हत्या का एक भी मामला अब तक यहां सामने नहीं आया है। यहां बेटियों का दबदबा इस हद तक कायम है कि अपने ही स्तर पर उन्होंने जंगलों से पेड़ काटने पर प्रतिबंध लगा दिया। मजाल है कि कोई पुरुष कुल्हाड़ी के साथ आंख उठाकर भी देख ले।
देश में कहीं भी ऐसा उदाहरण देखने को नहीं मिलता जहां पेड़ काटते हुए अगर कोई पुरुष पकड़ा जाता हो तो पूरा गांव उसका हुक्का-पानी बंद कर दे। लेकिन यहां की बेटियों ने यह करके दिखा दिया है। यही नहीं, कुछ पंचायतों में महिला मंडलों ने अंग्रेजी शराब पर भी प्रतिबंध लगा रखा है। लाहौल स्पीति में 0-6 वर्ष तक के 1000 लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या 1033 है।