फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या बात! यहां चलता है सिर्फ बेटियों का दबदबा

विज्ञापन
विज्ञापन
देश में कन्या भ्रूण हत्या के चलते जहां महिला-पुरुष लिंगानुपात गड़बड़ा गया है वहीं हिमाचल के लाहौल स्पीति में न केवल महिलाओं का अनुपात पुरुषों की तुलना में बेहतर है बल्कि बेटी के पैदा होने पर यहां जश्न भी मनाया जाता है। कन्या भ्रूण हत्या का एक भी मामला अब तक यहां सामने नहीं आया है। यहां बेटियों का दबदबा इस हद तक कायम है कि अपने ही स्तर पर उन्होंने जंगलों से पेड़ काटने पर प्रतिबंध लगा दिया। मजाल है कि कोई पुरुष कुल्हाड़ी के साथ आंख उठाकर भी देख ले।
विज्ञापन


देश में कहीं भी ऐसा उदाहरण देखने को नहीं मिलता जहां पेड़ काटते हुए अगर कोई पुरुष पकड़ा जाता हो तो पूरा गांव उसका हुक्का-पानी बंद कर दे। लेकिन यहां की बेटियों ने यह करके दिखा दिया है। यही नहीं, कुछ पंचायतों में महिला मंडलों ने अंग्रेजी शराब पर भी प्रतिबंध लगा रखा है। लाहौल स्पीति में 0-6 वर्ष तक के 1000 लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या 1033 है।
विज्ञापन

बुलंदियों पर लाहौल की बेटियां

इस जनजातीय इलाके में मेहमाननवाजी का हक किसी पुरुष को नहीं बल्कि बेटी को ही है। बेटी न होने पर घर की महिला ही मेहमान का स्वागत कर सकती है, पुरुष नहीं। लाहौल की महिलाओं ने खेती पर भी पूरी तरह से अपना कब्जा कर रखा है, इसीलिए सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं में भी पुरुषों के मुकाबले उनका वर्चस्व कायम है।

स्पीति की डिक्की डोलमा के नाम दुनिया में सबसे कम उम्र (17 वर्ष) में एवरेस्ट फतह करने का रिकॉर्ड दर्ज है। मोनिका भुटूंगरू हिमाचल में आईपीएस अधिकारी हैं तो रवीना ठाकुर इंडिगो एयरलाइंस में बतौर कैप्टन सेवाएं दे रही हैं। निर्मला भानू को साल 2008 इजरायली मार्शल आर्ट (कराटे) में देश का पहला इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी अवार्ड मिला है। वे बॉलीवुड सितारों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देती हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें