विश्व धरोहर कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर जल्द रेल कार का नया अवतार दिखेगा। शिमला से कालका तक की दूरी अब साढे़ चार घंटे में तय होगी। अन्य ट्रेन में 6 घंटे का लंबा सफर करना पड़ेगा।
दावा किया जा रहा है कि सड़क मार्ग से पहले रेल ट्रैक से पहुंचा जा सकेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर रेलवे फैमिली रेल कार को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस करेगा। टीवी और आरामदेह लग्जरी सोफा सीट के साथ हल्के-फुल्के स्नेक्स का मजा ले सकते हैं।
कामर्शियल विभाग की मानें तो रेल कार को वाईफाई से भी कनेक्ट किया जा सकता है। अगर सफर में बोरियत हो रही हो तो 32 इंच टीवी में अपने मनपसंद कार्यक्रम भी देख सकेंगे।
5-10 फीसदी बढ़ेगा किराया
96 किलोमीटर लंबे शिमला-कालका मार्ग पर इन सुविधाओं को थोड़ी जेब ढीली करनी पड़ेगी। केंद्र के रेल बजट में सर्विस टैक्स बढ़ने के साथ रेल किराए में पहले ही बढ़ोतरी हो चुकी है। किराया 13500 तक हो चुका है। अब यदि रेल कार का नया अवतार आया तो 5-10 फीसदी बढ़ोतरी हो सकती है।
12 के बजाय आठ सीटें
ट्रैक पर तीन रेलकार दौड़ रही हैं। इसका नया रूप 12 के बजाय आठ सीटर का होगा। आम रेल 6 घंटे में 96 किमी शिमला-कालका का सफर तय करती है। रेल कार में साढ़े चार घंटे में सफर पूरा होता है। बुकिंग कालका स्टेशन के जरिये अंबाला से होती है। पूरी रेलकार की बुकिंग होती है।
सफल रहा है ट्रायल : मीना
डिविजनल कामर्शियल मैनेजर बीडी मीना ने कहा कि रेलकार को तकनीकी विभाग ने मंजूरी दे दी है। इसका सफल ट्रायल हो चुका है। अभी कामर्शियल बुकिंग शुरू नहीं हुई है। केंद्रीय विभाग ने किराया तय नहीं किया है। शायद आम रेलकार से किराया 5-10 फीसदी तक महंगा हो।
1927 में शुरू हुई रेल कार
रेल कार अंग्रेजों ने 1927 में शुरू की थी। रेललाइन 1898 से 1903 के बीच बनाई गई थी। इसे विश्व धरोहर का दर्जा हासिल है। प्रदेश सरकार ने अगस्त 2007 में इसे धरोहर संपत्ति घोषित किया। 11 दिसंबर, 2007 को यूनेस्को के दल ने यहां का दौरा किया था। 7 जुलाई, 2008 को कालका-शिमला रेलवे को यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों में शामिल किया गया।
103 सुरंगें, 869 पुल और 900 तीव्र मोड़
रेलमार्ग कालका से शुरू होता है। हिमालय की पहाड़ी पर स्थित यह स्टेशन समुद्र तट से 2800 फुट ऊपर है। 7000 फीट समुद्र तट की ऊंचाई वाले मशहूर पर्यटन स्थल शिमला में पहुंचा जाता है। रेलगाड़ी 103 सुरंगें 869 पुलों और 900 तीव्र मोड़ से होकर गुजरती है। मार्ग पर 18 रेलवे स्टेशन हैं।