हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को भी निर्देशित किया है कि वह कैथलीघाट से शिमला तक सड़क की मरम्मत और सुधार के कार्यों को शीघ्र शुरू करे। उल्लेखनीय है कि परवाणू-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन लगभग 10 से 15 हजार वाहन चलते हैं और टोल प्लाजा से लाखों रुपये की आय होती है। इसके बावजूद सड़क की हालत खराब है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट ने यह फैसला एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया है, जिसमें सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की थी। हाईकोर्ट के इस आदेश से वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, वहीं सड़क की हालत में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।