हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम सोलन की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव संजय गुप्ता के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्होंने एमसी कमिश्नर के अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश को रद्द कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले से नगर निगम प्रशासन को राहत मिली है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने मामले की गंभीरता और न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट किया कि मुख्य सचिव की ओर से 24 फरवरी 2026 को जारी किए आदेश के खंड (सी) पर अगले आदेश तक रोक रहेगी। कोर्ट का मानना है कि दोनों पक्षों के हितों में संतुलन बनाए रखने के लिए यह अंतरिम रोक आवश्यक है। अदालत ने इस मामले में अन्य प्रतिवादियों को भी नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।