आईटीआई कमांद गोलीकांड पर सरकारी की सुस्ती पर हाईकोर्ट तल्ख हो गई है। पूरे मामले में स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में जमा न करवाने पर सीएस समेत कई अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। सीएस के अलावा प्रधान सचिव गृह और आईआईटी कमांद के निदेशक भी इनमें शामिल हैं। हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा है कि स्टेटस रिपोर्ट जमा न करवाने पर क्यों ने अब उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। कमांद में गोलीकांड के बाद एक जुलाई को हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि कांड में शामिल कथित गुंडों हथियार और बंदूकों के लाइसेंस किसने दिए।
तीन हफ्ते में इस पर जवाब मांगा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के सभी डीसी और एसपी को अतिरिक्त प्रतिवादी बनाते हुए हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि अपने जिलों के बारे में अदालत की ओर से एक जुलाई को पारित आदेशों के तहत स्टेटस रिपोर्ट दायर करें। अदालत ने विशेष जांच टीम के सदस्यों को मामले की आगामी सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पेश रहने के आदेश भी दिए हैं।
समाचार पत्र में छपी खबर पर लिया था संज्ञान
आई आई टी मंडी गोलीकांड मामले में राज्य सरकार द्वारा अदालत द्वारा पारित आदेशो की अनुपालना न किये जाने को गंभीरता से लिया है। 1.7.2015 के आदेशो के तहत राज्य सरकार को हाई कोर्ट के समक्ष स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। अदालत ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिवए प्रधान सचिव गृह और निदेशक आई आई टी कमांड को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जिन्होंने स्टेटस रिपोर्ट दायर नहीं की है।
अदालत ने पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएध् मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के सभी डीसी और एसपी को अतिरिक्त प्रतिवादी बनाते हुए आदेश दिए है कि वे अपने.अपने जिलों के बारे में अदालत द्वारा पारित 1.7.2015 के आदेशो के तहत स्टेटस रिपोर्ट दायर करे। अदालत ने विशेष जाँच टीम के सदस्यों को मामले की आगामी सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष उपस्थित रहने के आदेश भी दिए है।
गौरतलब है कि 1.7.2015 के आदेशो के तहत हाई कोर्ट ने दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से तीन सप्ताह के भीतर जवाब माँगा था। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा था कि इस गोलीकांड को जिम्मेबार कथित गुंडों को हथियार और बन्दूकों का लाइसेंस किसने प्रदान किया है। कितने लोगो को इस तरह के परमिट जारी किये गए है। ऐसे लोग किसकी इजाजत से हथियारों को लेकर पुरे प्रदेश में घूम रहे है।
दूकानदार, मिलमालिक, ठेकेदार, कंपनियां ऐसे गुंडों का इस्तेमाल किसकी इजाजत से कर रही है। अदालत ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि डीसी मंडी और एसपी मंडी ने इस घटना के बारे में ठेकेदार के खिलाफ क्या कदम उठाये हैं। मामले की सुनवाई आगामी 2 सितम्बर को निर्धारित की गई है।