गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार सहित राष्ट्रीय जनजातीय आयोग के अलावा रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किए हैं।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र को दिए गए जनजातीय दर्जे के खिलाफ गुज्जर समाज हाईकोर्ट पहुंच गया है। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार सहित राष्ट्रीय जनजातीय आयोग के अलावा रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी किए हैं। 18 दिसंबर को आगामी सुनवाई होगी। गुज्जर समाज ने याचिका में कहा कि किसी भी क्षेत्र को जनजातीय का दर्जा देने के लिए नियमों का तय प्रावधान है।
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वित्तीय और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े लोगों के क्षेत्रों को यह दर्जा दिया जाता है। गिरिपार को दिया गया दर्जा राजनीतिक आधार पर हुआ है। इस क्षेत्र में उच्च जाति के लोग वित्तीय और शिक्षा के तौर पर बेहतर हैं। यहां एक ऐसा गांव भी है, जहां बहुत अधिक धनी लोग रहते हैं। गुज्जर समाज ने तर्क दिया है कि इस क्षेत्र को जनजातीय का दर्जा मिलने से पात्र लोगों की जगह संपन्न लोगों को अधिक लाभ होगा।
वाटर सेस को लेकर हाईकोर्ट में दोनों पक्षों में बहस
प्रदेश सरकार की ओर से बिजली उत्पादकों पर लगाए गए वाटरसेस को लेकर हाईकोर्ट में दोनों पक्षों में बहस हुई। याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता दिल्ली से आनलाइन जुड़े रहे। प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ताओं ने भी अपना पक्ष रखा। यह बहस दो दिन और चलेगी। शनिवार तक न्यायाधीश इस मामले में फैसला दे सकते हैं।