प्रदेश हाईकोर्ट ने देवाशीष भट्टाचार्य को लोकसेवा आयोग की सदस्य रचना गुप्ता और उनके परिवार के किसी भी सदस्य के खिलाफ फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की पोस्ट डालने से रोकने के आदेश जारी किए हैं। न्यायाधीश सीबी बारोवालिया ने प्रार्थी रचना गुप्ता की ओर से दायर आवेदन की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए।
प्रार्थी ने देवाशीष भट्टाचार्य पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार करने पर रोक लगाने की अपील की गई थी। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। लोक सेवा आयोग की सदस्य रचना गुप्ता ने देवाशीष भट्टाचार्य पर फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से झूठे और आधारहीन आरोप लगाने की शिकायत को लेकर हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
वादी की ओर से प्रतिवादी के खिलाफ दायर मुकदमे में एक करोड़ रुपये के मुआवजा की मांग की गई है। वादी रचना गुप्ता के अनुसार लोक सेवा आयोग में सदस्य के तौर पर नियुक्ति के तत्काल बाद लगातार उन पर फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से गैर जिम्मेदाराना और अभद्र टिप्पणियां की गई।
कई महीनों तक फेसबुक पर इन टिप्पणियों का क्रम जारी रहा, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। वादी का आरोप है कि प्रतिवादी ने जानबूझ कर उनका और उनके पति का नाम बदनाम करने की कोशिश की।
प्रदेश हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के आरोपी पूर्व डीजीपी के बेटे अमिल मन्हास की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश अनूप चिटकारा ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रार्थी की हिरासत में पूछताछ जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि जांच में आबकारी विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच भी करनी चाहिए जिसके लिए फोरेंसिक ऑडिट की जरूरत भी होगी।
ऊना में एक्साइज विभाग के साथ शराब की 2 फर्मों की ओर से करीब 2 करोड़ 63 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। फर्म के ऑडिट के दौरान पाया गया कि शराब की फर्मों के लाइसेंस धारक रोहित कुमार की ओर से जमा किए गए ई चालान का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। सत्यापन के लिए सौंपे गए ई चालान भी फर्जी पाए गए। जांच में यह भी पाया गया है कि अमिल मन्हास की ओर से दिया गया चेक बाउंस हो गया। इसके बाद इन पर मामला दर्ज किया गया।