हिमाचल हाईकोर्ट ने पंडोह गांव से तीसरी इंडियन रिजर्व बटालियन को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करवाने की याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि न्यायालय सरकार के नीतिगत फैसलों की न्यायिक समीक्षा नहीं कर सकता।
हंस राज, मनमोहन सिंह, नरेंद्र पाल, मीरा गुप्ता व खेम राज की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि तीसरी इंडियन रिजर्व बटालियन से आम जनता विशेषतौर महिलाओं को परेशानियों का सामना करना कर पड़ रहा है। इसके चलते सरकार को इसे किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने के आदेश दिए जाएं।
प्रार्थियों की मांग है कि पंडोह में खाली पड़ी सरप्लस भूमि का इस्तेमाल विकासात्मक कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाए या इस भूमि को गांव वालों को दे दिया जाए। याचिका कर्ताओं की मांग है कि गांव में किए जाने वाले विकासात्मक कार्य जैसे कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर,
ट्रामा सेंटर, तहसील ऑफिस और राजकीय डिग्री कॉलेज का कार्य सरकार स्वयं करवाए। याचिका खारिज होने के पश्चात प्रार्थियों ने अपनी इन मांगों को संबंधित अथॉरिटी के समक्ष उठाने की छूट मांगी जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने उन्हें अपनी आवाज सरकार के समक्ष उठाने की इजाजत दे दी।