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शाही स्नान से पहले मणिमहेश में बर्फबारी, हाई अलर्ट जारी

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मणिमहेश की पवित्र झल झील में सोमवार तड़के से शुरू होने वाले शाही स्नान से पहले बर्फबारी शुरू हो गई है। मौसम के मिजाज को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। रविवार से 3 से 4 हजार श्रद्धालु डल झील में ही रात्रि जागरण और तड़के मणि दर्शन के इंतजार में रुके हैं। लगभग पांच हजार श्रद्धालु वापस लौट आए हैं।
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मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने लाउड स्पीकर से श्रद्धालुओं को निचले पड़ावों की ओर लौटने की अपील की। इससे पूर्व, शिव चेलों ने पशु बलि के बजाय नारियल से डल तोड़ने की परंपरा निभाई। डल झील में पवित्र स्नान सोमवार रात 2.59 मिनट तक चलेगा। रविवार शाम तक मणिमहेश में करीब तीन से चार इंच तक मोटी बर्फ की चादर बिछ गई थी।

चार इंच तक बर्फ जमी

जिला प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे जिस पड़ाव पर हैं वहीं रहें। शाम तक लाउड स्पीकर से डल पर चेतावनी दी जाती रही। उधर, हजारों श्रद्धालु गौरीकुंड, धनछौ, सुंदरासी या हड़सर में खराब मौसम के चलते रुके हुए हैं, वे आगे की यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। अगर मौसम साफ रहा तो वे सुबह झल में स्नान करेंगे।

मणिमहेश डल झील में रविवार शाम तक चार इंच तक बर्फ जम चुकी है। श्रद्धालु टेंट के अंदर ही डटे हैं। कोई भी बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह के समय तो काफी चहल-पहल थी, लेकिन को बर्फबारी शुरू होते ही रौनक कम हो गई। शाही स्नान में 50 से 60 हजार श्रद्धालु पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा था।
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मणिमहेश कैलाश पर्वत पर बर्फबारी, तापमान गिरा

सतर्कता बरत रहा प्रशासन- अतिरिक्त दंडाधिकारी भरमौर सतीश चौधरी का कहना है कि लोगों को डल पर न रुकने की चेतावनी दी है। उनसे आह्वान किया गया है कि डल से जितना नीचे आ सकें, उतना उनके लिए बेहतर होगा। इसके बावजूद कुछ लोग डल पर ठहरे हैं। प्रशासन मौसम और यात्रियों पर नजर रखे हुए हैं पल-पल की अपडेट ली जा रही है। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है।

मणिमहेश डल झील पर शाही स्नान से ठीक चौबीस घंटे पहले अचानक मौसम खराब हो गया है। मणिमहेश कैलाश पर्वत पर रविवार को हल्का हिमपात हुआ जिससे डल झील में ठंड बढ़ गई। यात्रियों को गर्म कपड़ों और आग का सहारा लेना पड़ रहा है। मणिमहेश पहुंचे श्रद्धालु रात भर भजन-कीर्तन करने के लिए डल पर ठहरे हैं। शिवजी के चेले मणिमहेश पर डेरा डाले हुए हैं जो सोमवार साढ़े ग्यारह बजे तक डल से नीचे प्रस्थान करेंगे।

मणिमहेश पर्वत पर ठंड बढ़ने के साथ ही प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन ने मौसम के खतरे को देखते हुए मणिमहेश डल झील पर ज्यादा यात्रियों को न रुकने देने की चेतावनी दी है। जबकि करीब 10 से 15 हजार यात्री डल पर डेरा जमाए हुए हैं जिनकी संख्या सोमवार को और बढ़ने की संभावना है। इन यात्रियों में सबसे ज्यादा संख्या जम्मू-कश्मीर के किश्तबाड़, भद्रवाह व कठुआ जिला के मणिमहेश यात्रियों की है।

उधर, एसडीएम भरमौर जितेंद्र कंवर का कहना है कि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी प्रबंध पूरे किए हैं। स्नान के बाद यात्रियों को नीचे उतरने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन प्रयास कर रहा है कि डल झील पर कम से कम लोग मौजूद हों ताकि किसी भी तरह की आपदा से निपटा जा सके।
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