विजय के चाचा सूबेदार मेजर भीषम चंद कटोच और चचेरे भाई अशोक कटोच ने बताया कि विजय से आखिरी बार 3 जनवरी को बात हुई थी। फोन पर एक घंटा हुई बातचीत में वह काफी खुश लग रहा था।
विजय ने प्राथमिक पाठशाला रैल से पढ़ाई की है। साल 1973 में उनका सैनिक स्कूल कपूरथला में चयन हो गया। दिसंबर 1985 में सेना में कमीशन लिया और लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए। 2006 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने पवन हंस एयर सर्विस को ज्वाइन कर लिया।
बीते दिन पायलट विजय ने मुंबई से अपने हेलिकाप्टर में ओएनजीसी के पांच अधिकारियों को लेकर उड़ान भरी। लेकिन कुछ देर के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया।
तलाशी अभियान के तीन घंटे बाद हेलिकाप्टर कर मलबा समुद्र में मिला। हादसे में मारे गए पांच कंपनी के अधिकारियों के शव बरामद कर लिए गए। लेकिन पायलट विजय कटोच और एक अन्य पायलट अभी तक लापता हैं।