अफसरों ने ये तो बता दिया कि कैसे इस मामले को पकड़ा गया, लेकिन यह नहीं बता पाए कि आखिर इतने महीनों से जारी अवैध कटान पर महकमा कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया। उधर, वन मंत्री ने भी अफसरों की बात सुनने के बाद उन्हें यह मामला उजागर करने के लिए शाबाशी दे डाली।
हालांकि, इसके बाद मंत्री ने अफसरों को दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जंगल में गश्त बढ़ाई जाए। जहां भी कटान का मामला सामने आ रहा हो, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। वन मंत्री ने अवैध डंपिंग करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जंगल बचाने के लिए वन विभाग के अफसरों को फील्ड में उतरकर काम करना होगा। इस अवसर पर प्रधान मुख्य अरण्यपाल जीएस गोराया, डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल शिमला नागेश गुलेरिया, डीएफओ अमित मौजूद रहे।
गार्ड और रेंज ऑफिसर को सम्मानित करने की तैयारी
वन मंत्री ने फॉरेस्ट बीट फनेवट के वन रक्षक लब्बु राम और रेंज ऑफिसर कोटी अनु ठाकुर को राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किए जाने के लिए विभाग को प्रदेश सरकार के समक्ष जल्द मामला प्रस्तुत करने को कहा।
मंत्री ने कहा कि सरकार संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य करने वाले पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को हथियार और वाहन की सुविधा देने पर भी जल्द विचार करेगी। वनों में डंपिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जब्त की गई वन संपदा को जल्द नीलाम करने को भी कहा।
कटान का इतना बड़ा मामला सामने आने के बावजूद अभी तक विभाग के किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। अब मामला इस बीट के गार्ड पर डालने की तैयारी है जो 30 दिसंबर को रिटायर हो चुका है। रिटायर गार्ड हरि सिंह दो दिन से खुद मौके पर आकर जांच में सहयोग कर रहा है। इसे मामले में चार्जशीट किया जा सकता है।
वन विभाग के अफसर सफाई दे रहे हैं कि यदि गार्ड समय पर इसकी सूचना देता तो इतना कटान नहीं होता। अफसरों का कहना है कि गार्ड को इसकी सूचना थी। जब भी वह मौके पर जाता तो आरोपी जमीन के दस्तावेज दिखाकर कहता था कि यह उसकी जमीन है। इसके बाद गार्ड लौट जाता। इसने विभाग के अफसरों को कभी इसकी सूचना नहीं दी। नए गार्ड के आने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ है।
विभाग का दावा, सरकारी जमीन पर हुआ कटान
वन विभाग का दावा है कि अवैध कटान वन विभाग की जमीन पर हुआ है। वहीं, आरोपी ततीमा दिखाकर इसे अपनी जमीन बता रहा है। सोमवार को राजस्व विभाग के अधिकारी इस जमीन की डिमार्केशन करेंगे। इसमें तय हो जाएगा कि यह जमीन सरकारी है या निजी।
डीएफओ अमित शर्मा का कहना है कि सोमवार को जमीन की डिमार्केशन की जाएगी। कहा कि वन मंत्री ने इस मामले को सामने लाने के लिए अफसरों को शाबाशी दी है। साथ ही दिशा निर्देश भी दिए हैं। डीएफओ ने कहा कि गार्ड ने अफसरों को सूचना नहीं दी जिससे समय पर मामला सामने नहीं आ सका।
मौके पर पहुंचे वन मंत्री ने इस मामले की जांच रिपोर्ट एक हफ्ते में पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय अधिकारियों को अवैध कटान क्षेत्र की डिमार्केशन जल्द पूरी करने को कहा।
मंत्री ने कहा कि सरकार वन और पुलिस विभाग के संवेदनशील स्थानों में कार्य करने वाले साहसिक कर्मचारियों को प्रोत्साहित करेगी ताकि समाज में अवैध कारोबारियों को पकड़वाने में स्थानीय जनता और सरकारी कर्मचारी बिना किसी भय के अपना सहयोग दे सकें।
उन्होंने क्षेत्र के लोगों, महिला मंडल, युवक मंडल और पंचायत प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वह अपने क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबारियों को पकड़ने में सहयोग करें। उन्होंने अधिकारियों को अदालत में वन कटान के लंबे समय से चल रहे मामलों का जल्द निपटारा करवाने को कहा।
मामले की जांच जारी
डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा ने कहा कि रविवार सुबह से पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही देर शाम तक कार्रवाई जारी रही। वारदात स्थल पर मिले स्लीपर और लकड़ियों की नाप नपाई की जा रही है।
आरोपी से पूछताछ हो रही है। बरामद किए गए स्लीपर और अन्य सामान की कीमत कितनी है इसका मूल्यांकन किया जा रहा है। पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है।