हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इस सीजन व नए साल की पहली बर्फबारी हुई है। रिज व मालरोड पर मौजूद सैलानी बर्फ के फाहे गिरते देख झूम उठे। स्थानीय लोगों और सैलानियों ने बर्फबारी शुरू होते ही जमकर मस्ती की। राजधानी शिमला में इस सीजन की यह पहली बर्फबारी है। जाखू में सुबह करीब 10:00 बजे बर्फबारी शुरू हो गई थी। इस दौरान रिज पर छोटे बच्चों ने एक दूसरे पर बर्फ के गोले बनाकर फेंके। पंजाब से आए मनप्रीत सिंह, रोहन और मोहित ने बताया कि जैसे ही उन्हें बर्फबारी का पता चला तो वह मंगलवार रात को ही शिमला पहुंच गए। गुजरात से घूमने आए रजत और सिमरन ने बताया कि उन्होंने पहली बार बर्फ पड़ती देखी। आज वापस जाना था लेकिन अब तीन दिन शिमला में ही रुकेंगे। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने बताया कि बर्फबारी के बाद शनिवार तक होटलों में 60 फीसदी तक कमरे बुक होने की उम्मीद है।
अब कारोबार बढ़ने की उम्मीद
शिमला व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि शिमला में हुई बर्फबारी से जो पर्यटक कहीं और घूमने जा रहे थे वो अब शिमला का रुख कर सकते हैं। मौसम की बेरुखी के कारण कारोबार मंदा चल रहा था। अब कारोबार बढ़ने की उम्मीद हैै।
राजधानी समेत जिलेभर में भारी बर्फबारी से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुईं। शिमला में बर्फबारी से एचआरटीसी के 52 रूट फेल हुए। दोपहर 12:00 बजे के बाद शहर में बसों का संचालन बंद कर दिया गया। बसें स्किड होने के चलते सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करने के निर्देश दिए गए। बर्फबारी रुकने पर बसों का संचालन किया गया। लक्कड़ बाजार-संजौली रूट बंद रहा। शिमला मंडल के 276 रूट फेल हुए। सबसे अधिक तारादेवी और नेरवा डिपो के 108 रूटों पर बसें नहीं गईं। डिपो के 90 फीसदी रूट ऊपरी शिमला के लिए हैं। लेकिन गुरुवार को ढली, कुफरी सड़कें बंद होने से ऊपरी शिमला के लिए बसों का संचालन नहीं हुआ। नारकंडा, चौपाल, नेरवा, फागू, कुफरी में बर्फबारी के चलते निगम की 64 बसें फंसी रहीं। बुधवार से फंसी बसें भी राजधानी नहीं लौटीं। शिमला ग्रामीण डिपो के 22 रूट प्रभावित रहे। नारकंडा, करसोग, सुन्नी, ठियोग, मत्याना के लिए बसें नहीं भेजी गईं। 17 बसें ऊपरी शिमला में फंसी रहीं। बर्फबारी में एचआरटीसी की टैक्सियां स्किड करने से संचालन बंद कर दिया गया।