शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में शुक्रवार को मौसम साफ रहा। धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। वीरवार रात को धर्मशाला में 62, ऊना 40, कुफरी 31, मशोबरा 31, बिलासपुर 13, शिमला 11, सराहन-जोगिंद्रनगर 9 और मनाली में 8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई।
जिला बिलासपुर में दो रिहायशी मकान और एक गोशाला ढह गई। शुक्रवार को ऊना में अधिकतम तापमान 34.0, भुंतर 33.6, हमीरपुर 32.6, बिलासपुर 31.4, चंबा 30.9, सुंदरनगर 30.5, नाहन 28.7, धर्मशाला 27.4, सोलन 26.5, केलांग 26.2, कल्पा 23.6, शिमला 21.9 और डलहौजी में 21.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ।
हिमाचल में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश के चलते सतलुज, ब्यास समेत अन्य नदियां उफान पर हैं। किन्नौर, शिमला, बिलासपुर और कुल्लू से लेकर मंडी, कांगड़ा तक नदियों किनारे बसी आबादी को अलर्ट रहने और सुरक्षित स्थानों में जाने की हिदायत दी गई है।
कुल्लू जिला प्रशासन ने भुंतर और सरवरी नदी किनारे रहने वाले प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित जगह जाने की हिदायत दी है। सैलानियों तथा आम लोगों को संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने को कहा है।
निगम के बस चालक-परिचालकों को भी अलर्ट किया है। उधर, सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से शिमला में सुन्नी के साथ कई जगहों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर आ गया है। चाबा के समीप पंप हाउस में पानी घुस गया है।
आपात काल की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों की नियुक्तियां कर दी गई हैं। एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि रामपुर के आसपास के लोगों को लाउड स्पीकर से सतलुज किनारे न जाने की सलाह दी जा रही है।
सतलुज में सिल्ट बढ़ने और ऊपरी क्षेत्रों में नदी उफान पर होने से 1500 मेगावाट की एशिया की सबसे बड़ी भूमिगत परियोजना नाथपा झाकड़ी में चार दिन से बिजली उत्पादन बंद है।
बीते मंगलवार को सुबह 7:30 बजे से परियोजना की छह टरबाइनों को सिल्ट बढ़ने के कारण बंद करना पड़ा। सिल्ट की मात्रा कम न होने पर उत्पादन शुक्रवार को भी बंद रहा। सतलुज में इस समय 1000 क्युमैक्स पानी बह रहा है।
यह आम दिनों की अपेक्षा अधिक है। सतलुज नदी में सिल्ट की मात्रा 25 हजार पीपीएम तक पहुंच गई है। 412 मेगावाट की रामपुर परियोजना में भी बिजली उत्पादन बंद है।