हिमाचल में भारी बारिश को लेकर प्रदेश सरकार ने रेड अलर्ट कर रखा था, लेकिन शिमला के ठियोग के साथ लगती जैस पंचायत के धराल गांव की 50 वर्षीय गीता देवी को क्या मालूम था कि यह कहर उस पर टूट पड़ेगा। गीता देवी अपने घर में अकेली रहती है। उसके पति की करीब चार वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। अपनी बेटी की शादी करवाने के बाद गीता देवी अकेले ही अपना गुजारा कर रही है।
रविवार सुबह करीब तीन बजे बरसात ने अपना रौद्र रूप दिखाया, देखते ही देखते गीता के घर की छत गिर गई। उस वक्त गीता जाग रही थी। हालांकि गीता देवी हादसे के दौरान घायल भी हो गई, लेकिन उसने हिम्मत नही हारी। सूझबूझ से काम लेते 50 वर्षीय गीता देवी ने खिड़की से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
इस दौरान गीता देवी के कान और पैर में चोटें आई। ग्रामीणों ने गीता देवी को सिविल अस्पताल ठियोग पहुंचाया, जहां उसका उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने गीता को वापस घर भेज दिया है। सूचना मिलते ही प्रशासन के अधिकारियों ने आकर मौके का जायजा लिया।