चंबा जिले में मंगलवार आधी रात को हुई भारी बारिश ने खूब कहर बरपाया। कुपाड़ी और चाहला में काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश से जहां वाहन मलबे में दब गए वहीं भूस्खलन के कारण एनएच समेत जिले की 31 सड़कों पर यातायात बंद रहा। भारी बारिश के कारण भरमौर-पठानकोट एनएच पर चाहला के पास नाले में बह कर आए मलबे में एक बाइक दब गई जबकि एनएच किनारे स्थित दुकानों में मलबा घुसने से दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ।
बुधवार सुबह जब दुकानदार दुकानें खोलने के लिए पहुंचे तो वे दुकानों के आगे और भीतर कीचड़ देखकर स्तब्ध रह गए। उन्होंने तुरंत मलबे को हटाना शुरू किया। इस दौरान मलबे में दबी बाइक को भी निकाला गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची एनएच मंडल चंबा की लेबर और जेसीबी भी मलबे को हटाने में जुट गई।
उप तहसील भलेई के तहत ग्राम पंचायत गवालू के गांव कुपाड़ी में भी मलबे के नीचे एक कार और बाइक दब गए। बुधवार सुबह मौके पर पहुंचे वाहन मालिकों ने लोक निर्माण विभाग को इसकी सूचना दी। वहीं जिले में 125 ट्रांसफार्मर बंद होने से सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए। केरू पहाड़ और चाहला के पास भारी भूस्खलन से एनएच बुधवार सुबह 9:00 बजे बंद हो गया।
एनएच पर देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग की मशीनरी की मदद से मजदूरों ने एनएच को सुबह 10:30 बजे यातायात के लिए बहाल करवाया जबकि जिले की शेष बंद सड़कों और बिजली ट्रांसफार्मरों को दोपहर एक बजे तक सुचारु करवाया गया।
चकलू से कोटी मार्ग पलेई के पास, चंबा से चकलू मार्ग साल नाले के पास, तेलका से अथेड़ मार्ग पुतरवाह नाले के पास और तेलका से सलूणी वाया हुट्टा मार्ग गद्दे नाले के पास भूस्खलन से बाधित हुआ। सड़कें बंद होने से लोग पैदल आवाजाही करते दिखे।
उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि कुपाड़ी और चाहला में भारी बारिश के साथ मलबे के नीचे एक कार और दो बाइक दब गए। जिले में भारी बारिश से हुए नुकसान का आकलन तैयार किया जा रहा है।