पूरे गांव के सात मकान जमींदोज हुए हैं। पीड़ित परिवार के सदस्य व बीडीसी सदस्य श्याम लाल धीमान ने बताया कि उनकी बेटी व मां अलग कमरे में सो रही थीं। सुबह चार से पांच बजे के बीच उनकी बेटी ने आवाज लगाई कि हमारा घर गिरने वाला है। वे बाहर निकले तो आधा आंगन व घर के साथ बहुत बड़ा भूस्खलन हो रहा था।
उन्होंने नजदीकी मकानों में रह रहे लोगों को भी फोन कर बाहर निकलने को कहा। कुछ ही देर में उनकी आंखों के सामने घर खिसकते हुए जमींदोज हो गए। अन्य पीड़ितों बलवंत व नंदलाल ने बताया कि तड़के जोर धमाके की आवाजें आईं। बाहर निकले तो उनका मकान व उनके मकान के साथ वाली जमीन खिसककर जमींदोज हो गई। इनके अलावा सुखदेई, जयदेई, बिमला, रणजीत धीमान के मकान भी जमींदोज हुए हैं।