उधर, मूसलाधार बारिश से लाधी महल क्षेत्र में भंगाल खड्ड सहित सभी नदी नाले उफान पर हैं। रोनहाट के समीप थपाड़ी में शनिवार देर रात को बरसाती नाले में हुए भूस्खलन से एक कार और दो मोटरसाइकिल मलबे में दब गए। वहीं, रोनहाट बाजार में भंगाल खड्ड के बढ़ते जलस्तर से एक घराट और एक गोशाला बह गई। नदी के साथ बने कुछ अन्य मकानों को भी आंशिक रूप से क्षति पहुंची है।
सिरमौर और शिमला जिला की सीमा पर सैंज-खड्ड में बनी 5 मेगावाट की हिमशक्ति जलविद्युत परियोजना का पावर हाउस भी पूरी तरह जलमग्न हो गया। कोटीबोंच पंचायत के पूर्व प्रधान व वरिष्ठ नागरिक जाती राम सिंगटा, रत्तीराम भारद्वाज, सीताराम डबराल, मंशाराम पाबुच, दीपराम शर्मा, हरी राम शास्त्री आदि लोगों ने बताया कि लगभग 41 साल के बाद भंगाल खड्ड और क्षेत्र के अन्य नदी-नालों का जलस्तर इतना अधिक बढ़ा है। रोनहाट पुलिस चौकी के प्रभारी दलीप सिंह राठौर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ वाहन मलबे की चपेट में आए हैं।
उधर, पच्छाद क्षेत्र की वासनी पंचायत के तलाड़ा गांव निवासी कबीर दास का दो मंजिला मकान भारी बारिश के कारण गिर गया। तहसीलदार पच्छाद हीरालाल हिमराल ने बताया कि मकान गिरने से करीब तीन लाख रुपये के नुकसान होने की रिपोर्ट हलका पटवारी ने दी है। वहीं रेणुका के संगड़ाह में दो मकान, भाटगढ़ में तीन मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।