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जल प्रलय, बाढ़ ने मचाया कोहराम, पीएचसी समेत सात मकान ढहे

Sun, 18 Aug 2019 09:21 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलाई/रोनहाट/सराहां (सिरमौर)
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- फोटो : अमर उजाला
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सिरमौर में दो दिन से जारी बारिश ने हाय तौबा मचा दी है। सड़कों पर आवाजाही बंद होने से सन्नाटा पसर गया है। हर तरफ आफत की बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। शिलाई इलाके के टिंबी क्षेत्र में पीएचसी समेत आधा दर्जन मकान व घराट नेडा खड्ड में आई बाढ़ की भेंट चढ़ गए। गनीमत ये रही कि मकान पहले ही खाली कर दिए गए। शिलाई उपमंडल की अश्याडी पंचायत के व्यवसायिक कस्बा चिखाड़ में नेडा खड्ड में आई भयंकर बाढ़ से 6 रिहायशी मकान व एक घराट बह गया। इनमें किराये के एक मकान में पीएचसी भी चल रही थी।

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जानकारी के अनुसार टिंबी के चिखाड़ में मनीराम भटवाड़, बस्तीराम दुबोड, सूरत सिंह बंबराड़, लायकराम अश्याडी, राजूराम बकरास, अतर सिंह दुबोड के रिहायशी मकान बाढ़ की चपेट में आ गए। वहीं, उदय सिंह का घराट, बस्तीराम की गोशाला से एक गाय भी बह गई। इसके अलावा परमानंद लायकराम, जगतराम, बंसीराम के उपजाऊ खेत खड्ड में समा गए। सूचना मिलते ही शिलाई के एसडीएम योगेश चौहान, तहसीलदार कर्म सिंह हिमराल मौका पर रवाना हुए। मौके पर स्थानीय प्रशासन ने 16 अन्य मकानों को खाली करवा दिया है। राहत बचाव कार्य जारी है। उधर, एसडीएम योगेश चौहान ने बताया है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।

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उधर, मूसलाधार बारिश से लाधी महल क्षेत्र में भंगाल खड्ड सहित सभी नदी नाले उफान पर हैं। रोनहाट के समीप थपाड़ी में शनिवार देर रात को बरसाती नाले में हुए भूस्खलन से एक कार और दो मोटरसाइकिल मलबे में दब गए। वहीं, रोनहाट बाजार में भंगाल खड्ड के बढ़ते जलस्तर से एक घराट और एक गोशाला बह गई। नदी के साथ बने कुछ अन्य मकानों को भी आंशिक रूप से क्षति पहुंची है।

सिरमौर और शिमला जिला की सीमा पर सैंज-खड्ड में बनी 5 मेगावाट की हिमशक्ति जलविद्युत परियोजना का पावर हाउस भी पूरी तरह जलमग्न हो गया। कोटीबोंच पंचायत के पूर्व प्रधान व वरिष्ठ नागरिक जाती राम सिंगटा, रत्तीराम भारद्वाज, सीताराम डबराल, मंशाराम पाबुच, दीपराम शर्मा, हरी राम शास्त्री आदि लोगों ने बताया कि लगभग 41 साल के बाद भंगाल खड्ड और क्षेत्र के अन्य नदी-नालों का जलस्तर इतना अधिक बढ़ा है। रोनहाट पुलिस चौकी के प्रभारी दलीप सिंह राठौर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ वाहन मलबे की चपेट में आए हैं।

उधर, पच्छाद क्षेत्र की वासनी पंचायत के तलाड़ा गांव निवासी कबीर दास का दो मंजिला मकान भारी बारिश के कारण गिर गया। तहसीलदार पच्छाद हीरालाल हिमराल ने बताया कि मकान गिरने से करीब तीन लाख रुपये के नुकसान होने की रिपोर्ट हलका पटवारी ने दी है। वहीं रेणुका के संगड़ाह में दो मकान, भाटगढ़ में तीन मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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