दरअसल, राजधानी शिमला में तैनात एक महिला हेड कांस्टेबल ने बीते 13 मई को महिला थाने में जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया था।
महिला पुलिस कर्मी के यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीर ठाकुर के मामले में हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई अगले आदेशों तक टल गई है। गुरुवार को न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। अब हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मामले की सुनवाई के लिए बेंच निर्धारित करेंगे, जिसके बाद सुनवाई शुरू होगी। इससे पहले 15 जुलाई को सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का और समय मांगे जाने के बाद टल गई थी।
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दरअसल, राजधानी शिमला में तैनात एक महिला हेड कांस्टेबल ने बीते 13 मई को महिला थाने में जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पर ही महिला पुलिस कर्मियों के साथ कार्य स्थल पर किसी भी तरह के उत्पीड़न की शिकायत की जांच करने का जिम्मा था। आरोप है कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय में भी पीड़ित हेड कांस्टेबल का शारीरिक उत्पीड़न किया। गंभीर आरोप के चलते आरोपी पुलिस अफसर को शिमला पुलिस के अहम पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया। इसके बाद पुलिस के साथ राज्य स्तरीय कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कमेटी को भी विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए।