एचआरटीसी में कंडक्टर चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई आगामी 26 फरवरी तक टल गई है। अपने आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि 19 अक्तूबर को लिखित परीक्षा के आधार पर चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप न दिया जाए। शशिभूषण याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार कंडक्टर के 680 पदों को भरने के लिए लगभग 35 हजार उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि भाई-भतीजावाद के चलते इस परीक्षा का प्रश्न पत्र पहले ही लीक हो गया था। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि परिवहन मंत्री के चुनावी क्षेत्र से लगभग 100 ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्होंने पूरे 80 नंबर प्राप्त किए हैं।
आरोप यह भी लगाया गया कि यदि मेरिट के आधार पर सूची बनाई जाए तो लगभग 200 उम्मीदवार केवल परिवहन मंत्री के चुनावी क्षेत्र से ही चयनित किए जाएंगे। प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई है कि कंडक्टर चयन प्रक्रिया को रद्द किया जाए और इस प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने के आदेश पारित किये जाएं। प्रार्थी ने यह भी गुहार लगाई है कि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी जोकि हिमाचल के बाहर की हो, से करवाई जाए।