ओपीडी में कंसल्टेंट चिकित्सकों की बढ़ जाएगी संख्या, मरीजों को लंबी लाइनों से मिल सकती है राहत
27 जनवरी से अवकाश पर थे आधे डॉक्टर, मरीजों को झेलनी पड़ रही थीं परेशानियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल आईजीएमसी और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (एआईएमएसएस) चमियाना में सोमवार से मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है। शीतकालीन अवकाश पर गए संकाय सदस्य चिकित्सक सोमवार से ड्यूटी पर लौटेंगे। इससे मरीजों को ओपीडी की लंबी लाइनों से राहत मिल सकती है।
कमला नेहरू अस्पताल में ओपीडी में बैठने वाले कंसल्टेंट चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इससे महिला मरीजों को ओपीडी में वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉक्टर उपलब्ध होंगे। अभी अस्पताल की ओपीडी में कुछ डॉक्टर तो तैनात थे लेकिन महिला मरीजों की ज्यादा संख्या के चलते उपचार के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। अब सभी डॉक्टर सेवाएं देंगे। इससे रूटीन की ओपीडी और वार्डों में भर्ती मरीजों को दी जाने वाले स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो जाएंगी। आमतौर पर सोमवार को अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस बार ज्यादा डॉक्टर उपलब्ध होने से मरीजों को राहत मिलेगी। मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र के तय शेड्यूल के अनुसार मेडिकल छात्रों को पढ़ाने वाले फैकल्टी सदस्य चिकित्सकों को सर्दियों में दो शिफ्ट में अवकाश मिलता है। पहले चरण में आधे चिकित्सक अवकाश पर गए थे। दूसरे चरण में बाकी डॉक्टर 27 जनवरी से 8 मार्च तक रहे शीतकालीन अवकाश पर गए थे। अब इनके लौटने से अस्पतालों में ओपीडी के बनाए गए शेड्यूल के अनुरूप ही चिकित्सक ओपीडी में उपलब्ध होंगे। दिन के अनुसार तय किया गया ओपीडी शेड्यूल फिर से लागू हो जाएगा।
रूटीन चेकअप के साथ सर्जरी भी बढ़ेगी
डॉक्टरों के लौटने से अस्पतालों में पहले उपचार करवा चुके मरीज रूटीन में अपने विशेषज्ञ चिकित्सकों से चेकअप करवा सकेंगे। ओपीडी में आने वाले नए मरीजों को भी सीनियर कंसल्टेंट चिकित्सकों की सेवाएं पूरे सप्ताह भर उपलब्ध होनी शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा अस्पताल में रूटीन की सर्जरी और अन्य उपचार संबंधित कार्याें में तेजी आएगी।