रामपुर, कुपवी, चौपाल, सोलन और बिलासपुर के हैं मामले
41 हो चुके अब तक स्क्रब टायफस पीड़ित, लगातार बढ़ रहे केस
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश में स्क्रब टायफस लगातार पैर पसार रहा है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में मंगलवार को भी छह मामले आए हैं। यह मामले जिला शिमला, सोलन और बिलासपुर से संबंधित हैं। शरीर में दर्द और बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल आए थे। चिकित्सकों ने लक्षण को देखते हुए स्क्रब टायफस की जांच करवाई थी। जांच में छह पीड़ितों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चिकित्सकों ने स्क्रब टायफस का उपचार शुरू कर दिया है। अब आईजीएमसी में स्क्रब टायफस के मामले 41 हो गए हैं।
आईजीएमसी में मंगलवार को मेडिसिन ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहीं। इसमें अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे। इसमें से कई संदिग्ध मरीजों के स्क्रब टायफस के टेस्ट करवाए गए थे। इसमें से रामपुर, कुपवी, चौपाल, सोलन और बिलासपुर से उपचार के लिए आए मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
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स्क्रब टायफस के लक्षण
स्क्रब टायफस आरेशिया सुशुमुशी कीट के काटने से होता है। यह घास में पाया जाता है। स्क्रब टायफस की चपेट में 25 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के लोग अधिक आते हैं। इसमें संक्रमित व्यक्ति को 104 से 105 डिग्री सेल्सियस तक बुखार हो सकता है। जोड़ों में दर्द व कंपकपी के साथ बुखार का आना, शरीर में अकड़न, शरीर का टूटा हुआ लगना इसके लक्षण हैं। अधिक संक्रमण होने पर गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां हो सकती हैं। काले रंग के चकत्ते बनते हैं।
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बचाव के उपाय
-आसपास जल जमा न होने दें।
-हमेशा साफ और पूरे कपड़े पहनें।
-घर के आसपास घास या झाड़ियां न उगने दें।
-खेतों में काम करते समय हाथ व पैरों को अच्छे से ढककर रखें।
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स्क्रब टायफस के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। रोजाना आईजीएमसी में मामले पॉजिटिव आ रहे हैं। मंगलवार को भी छह लोगों की रिपोर्ट स्क्रब टायफस पॉजिटिव आई है।
-डॉ. यशपाल रांटा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शिमला