आपातकालीन सेवाओं के लिए रात को लैब में टेस्ट करने के लिए कम है स्टाफ
अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से उठाई समस्या, लैब तकनीशियानों के पद भरने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चमियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी में आपातकालीन सेवाएं शुरू करने के लिए हाल ही नवनियुक्त नौ में से 6 एमओ, सीएमओ स्तर के चिकित्सकों को तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने में अब टेस्ट करने के लिए लैब के स्टाफ की कमी की समस्या आड़े आ रही है। अस्पताल की अपनी लैब में दिन के समय टेस्ट के लिए स्टाफ पर्याप्त है, लेकिन 24 घंटे की इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने के लिए रात के लिए स्टाफ उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में लैब तकनीशियन के 13 पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक उपलब्ध होने पर भी अस्पताल प्रशासन रात को आने वाले मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं कर पा रहा है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को आवश्यक लैब टेस्ट करवाने की आवश्यकता होती है। दिन के समय इस अस्पताल में सभी विभागों को मिलाकर औसतन आठ से नौ सौ मरीज ओपीडी में आते हैं। इमरजेंसी सेवा शुरू होने पर रात को आने वाले मरीजों का आंकड़ा भी समय के साथ बढ़ना तय है। रात आठ से लेकर सुबह तक के लिए अस्पताल को कम से कम आठ से दस लैब तकनीशियन चाहिए। अस्पताल में दिन के समय अधिकतर टेस्ट अपनी ही लैब में किए जाते हैं, वहीं क्रशना लैब को भी काम दिया गया है। यह निजी लैब भी दिन के समय सैंपल लेती है और इसकी रिपोर्ट दूसरे दिन ही मिलती है। निजी कंपनी की परिसर में कोई लैब नहीं है। ऐसे में अस्पताल में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के तुरंत टेस्ट और जल्द रिपोर्ट की सुविधा के लिए अस्पताल की लैब में अतिरिक्त स्टाफ जरूरी है। तभी इमरजेंसी में मरीजों का रात के समय जांच और उपचार संभव हो सकेगा। अस्पताल प्रशासन ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से आपातकालीन सेवाओं को शुरू करने में पेश आ रही लैब स्टाफ की समस्या को उठाया है। अस्पताल प्रशासन ने रिक्त पड़े करीब ग्यारह पदों को भरने या आउटसोर्स पर पदों को अस्थायी तौर पर भरने की अनुमति मांगी है। लैब तकनीशियन मिलने पर ही आपातकालीन सेवाओं को शुरू किया जा सकेगा।
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लैब के रिक्त पदों को भरने की उठाई गई है मांग : डाॅ. सुधीर शर्मा
चमियाना अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुधीर शर्मा ने कहा कि नवनियुक्त छह चिकित्सकों को आपातकालीन सेवाओं को शुरू करने के लिए तैयार किया जा रहा है। जरूरी टेस्ट करवाने के लिए लैब का स्टाफ फिलहाल उपलब्ध नहीं है। दिन में अधिकतर टेस्ट अस्पताल की लैब में ही किए जा रहे हैं, लेकिन शाम आठ बजे के बाद से सुबह तक के लिए इमरजेंसी में होने वाले टेस्ट के लिए लैब तकनीशियन अस्पताल के पास नहीं हैं। पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार और विभाग से लैब के लिए स्टाफ मांगा गया है। उम्मीद है कि जल्द इस समस्या का समाधान होगा और लैब स्टाफ मिल जाएगा। इसके बाद ही अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।
निजी कंपनी से भी की जाएगी लैब टेस्ट सेवा को लेकर बात
अस्पताल प्रशासन परिसर में टेस्ट के लिए अधिकृत क्रस्ना लैब प्रबंधन के साथ भी बात की जा रही है। इनसे इस मामले पर चर्चा की जाएगी, जिसके लिए उन्हें बुलाया गया है। यदि निजी लैब रात को टेस्ट करने और समय पर रिपोर्ट देने को तैयार होगी, तो इससे भी समस्या का अस्थायी समाधान निकल सकता है। इसमें समस्या यह है कि निजी कंपनी के साथ करार समाप्त हो चुका है, इसे एक माह कर बढ़ाया जा रहा है, इसलिए कंपनी हो सकता है कि रात्रि सेवाओं के लिए मशीनें और स्टाफ देने में रुचि न ले।