कहा कि रामदेव की कंपनी को आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां और अपना संस्थान स्थापित करने के लिए आयुर्वेद विभाग संपर्क में है। उन्होंने डाबर जैसे संस्थान का नाम लेते हुए कहा कि प्रदेश से जो भी कंपनी जड़ी बूटी ले जाएगी उससे निर्धारित रकम वसूली जाएगी।
इसके लिए नीति तैयार की जा रही है। नौणी विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एनएस चौहान ने बायोलॉजिकल रिसोर्स की महत्ता के बारे में बताया। जैव विविधता सप्ताह के दौरान हुए क्विज, पेंटिंग जैसे आयोजनों के विजयी बच्चों को सम्मानित किया।
फागली स्कूल के बच्चों ने जैव विविधता पर एक लघु नाटिका पेश की। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर, बोर्ड के सदस्य सचिव कुनाल सत्यार्थी, स्टेट प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर डॉ. एमएल चौहान समेत कई स्कूलों के बच्चे उपस्थित रहे।