स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश को 2022 तक क्षय रोग मुक्त किया जाएगा। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। इस रोग को प्रदेश से खत्म करने के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पालमपुर अस्पताल में 25 लाख रुपये से सीबी नॉट मशीन सुविधा का शुभारंभ करने के बाद उन्होंने कहा कि प्रदेश में क्षय रोगी की पहचान के लिए हिमाचल के 15 स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा शुरू की गई है।
प्रदेश सरकार क्षय रोग को जड़ से खत्म करने के लिए गंभीर है। इसी दिशा में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऊना से मोबाइल वैन को हरी झंडी देकर रवाना किया, जो प्रदेश के गांव-गांव जाकर क्षय रोगियों की जांच करेगी।
इससे क्षय रोग से ग्रसित लोगों को घर-द्वार सुविधा मिलेगी। प्रदेश में करीब 16 हजार टीबी मरीजों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि देश में टीबी टेस्ट फाइंडिंग में हिमाचल प्रथम स्थान पर है।
प्रदेश में चिकित्सकों के 200 पद भरे गए हैं जबकि जल्द ही 200 आयुर्वेदिक चिकित्सकों और 1982 पैरा मेडिकल स्टाफ के पद भरे जाएंगे।