मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों की सूची, उनके समयबद्ध निर्माण के लिए आवश्यक बजट तथा स्टाफ की आवश्यकता का ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जैसे ही एस्टिमेट तैयार होंगे, सरकार उनके निर्माण और अत्याधुनिक मशीनों की खरीद के लिए पर्याप्त धनराशि जारी करेगी। साथ ही स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया भी तुरंत आरंभ कर दी जाएगी। डॉ. शांडिल ने कहा कि सर्जरी के लिए पांच फेको मशीनें भी खरीदी गई हैं, जिन्हें चंबा मेडिकल काॅलेज, क्षेत्रीय अस्पताल चंबा, सिविल अस्पताल रोहड़ू, पांवटा साहिब और ऊना में स्थापित किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश में स्थापना प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में दवाओं और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्रियों की खरीद त्रैमासिक आधार पर की जाती है, जिससे बार-बार औपचारिकताओं और अनुमोदन में विलंब होता है। इस समस्या से निपटने से एक ऐसा तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे निर्बाध और शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित हो। वर्तमान की त्रैमासिक खरीद व्यवस्था को बदलकर अर्धवार्षिक आधार पर करने की प्रणाली स्थापित करना विचाराधीन है। बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सलाहकार (इंफ्रास्ट्रक्चर) अनिल कपिल, एचपीएमएससीएल के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु सिंगल, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन जितेंद्र सांजटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नवजात शिशु किट मे 18 वस्तुएं शामिल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने शिशु देखभाल किट में गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं को शामिल करने का निर्णय लिया है। सरकारी या निजी अस्पतालों में जन्मे नवजात शिशुओं को कुल 18 वस्तुएं इन किट्स के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएंगी। इन किट्स में प्रदान की जाने वाली 18 वस्तुओं के नमूने सरकार को प्राप्त हो चुके हैं। इनमें कंबल, तौलिया, क्रीम, साबुन, दूध की बोतल, मच्छरदानी, बेबी तेल, खिलौना, पाउडर, पौष्टिक आहार के विशेषज्ञों द्वारा गुणवत्ता परीक्षण के बाद ऑर्डर दिए जाएंगे।