प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की साल में दो बार स्वास्थ्य जांच नहीं करने पर केंद्रीय टीम ने हिमाचल के अफसरों को लताड़ लगाई है। सोमवार को राज्य सचिवालय में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ज्वाइंट रिव्यू मिशन की टीम ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
टीम में शामिल अधिकारियों ने कहा कि स्कूली बच्चों की साल में दो बार स्वास्थ्य जांच करवाना अनिवार्य है। इसके बावजूद हिमाचल में इसके तहत काम नहीं किया जा रहा है। केंद्रीय टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भविष्य में इसको लेकर विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए। स्कूलों में मिड-डे मील के तहत विद्यार्थियों को दाल-चावल के अलावा हरी सब्जियां खिलाने के निर्देश दिए।
स्कूलों में आयरन की गोलियां भी समय पर आवंटित नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। केंद्रीय टीम ने बीते दिनों जिला सिरमौर और मंडी का दौरा किया है। सोमवार को शिमला में हुई बैठक में जिलों की रिपोर्ट पर चर्चा की गई। बैठक में शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा सहित शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।