प्रदेश सरकार सूबे के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में एक-एक अतिरिक्त कमरे का निर्माण करेगी। अगले छह महीने में सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तबदील किया जाएगा। अतिरिक्त कमरे का निर्माण सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के लिए किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने सीएचओ की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीएससी नर्सिंग पास उम्मीदवारों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के तहत सूबे के सात स्थानों पर छह महीने का कोर्स करवाया जाएगा। कोर्स करवाने के लिए सूबे के छह मेडिकल कालेज और जोनल अस्पताल धर्मशाला को केंद्र बनाया गया है।
छह माह के कोर्स को पूरा करने के तुरंत बाद सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के तौर पर स्वास्थ्य उपकेंद्र में तैनाती की जाएगी। जो स्वास्थ्य उपकेंद्र के दायरे में आने वाले लोगों की हर बीमारी की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसकी ऑनलाइन रिपोर्टिंग केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को होगी। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को टैबलेट भी दिया जाएगा।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि पहले चरण में 21 पीएचसी को हेल्थ वेलनेस सेंटर में विकसित किया गया है। अब सभी 116 पीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्र में अतिरिक्त कमरे का निर्माण कर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तबदील करने के निर्देश मिले हैं, जिस पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।