अधिकारियों की मानें तो यहां संस्थान के सात विभागों का मूल्यांकन किया गया। इसमें आपातकालीन विभाग, ओपीडी, आईपीडी, लेबर रूम, फार्मेसी, लैब व सामान्य प्रशासन सेवाओं की जांच हुई। इन सभी सेवाओं में सिविल अस्पताल हरोली न केवल प्रदेशभर में अव्वल रहा, बल्कि देश के अन्य अस्पतालों को भी बेहतरीन सेवाओं में पछाड़ा है। हरोली अस्पताल की इस प्रामाणिकता को अगले तीन सालों के लिए वैध किया गया है। इस उपलब्धि के लिए श्रेय मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. संजीव वर्मा, वर्तमान में ऊना अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं पूर्व में हरोली क्षेत्र के बीएमओ रहे डॉ. संजय मनकोटिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह, जिला कंसल्टेंट डॉ. रमन संदल और चिकित्सा प्रभारी सिविल अस्पताल हरोली डॉ. शिंगारा सिंह तथा सिविल अस्पताल हरोली की टीम को दिया। इन अधिकारियों का कहना है कि सिविल अस्पताल हरोली ने प्रदेशभर में इस कामयाबी से अपना उदाहरण प्रस्तुत किया है।