ट्रांसगिरि इलाके के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने, आरक्षण कोटा न बढ़ाने और अधिकारों से छेड़छाड़ के विरोध में गुर्जर समुदाय सड़कों पर उतर आया है। बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में गुर्जर समुदाय के सैकड़ों लोगों ने अपने अधिकारों के संरक्षण को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान कालाअंब में हुई महासभा में समुदाय के लोगों ने रणनीति तैयार की और पूरे क्षेत्र में रोष रैली भी निकाली। महासभा की अध्यक्षता सिरमौर गुर्जर समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष हेमराज राव ने की। महासभा में मुस्लिम और हिंदू गर्जर संगठनों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस दौरान सिरमौर के अलावा बिलासपुर और ऊना जिले से आए गुर्जर समुदाय के लोग भी शामिल हुए। महासभा में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के उपाध्यक्ष पृथ्वीराज व अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली रमजान खान विशेष अतिथि रहे।
महासभा में गुर्जर नेता हेमराज राव, हंसराज भाटिया, ऋतु, किनशुक गुर्जर आदि ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाटी को जनजातीय दर्जा देकर गुर्जर समाज के अधिकारों का हनन किया है। प्रदेश सरकार भलीभांति जानती है कि गुर्जर एक जाति समुदाय है, जिसे एसटी का दर्जा प्राप्त है और 7.5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। इस आरक्षण में गिरिपार की अन्य जातियों को भी शामिल कर दिया गया है, जबकि हाटी कोई विशेष जाति नहीं है। सरकार ने गुर्जरों के अधिकारों और एसटी आरक्षण कोटे से छेड़छाड़ की है। गुर्जर नेताओं ने सरकार से मांग की कि इस मुद्दे पर पुनर्विचार करे।
याचिका दायर करने के लिए गठित की कमेटी
सिरमौर गुर्जर समाज ने हाटी मुद्दे के विरोध में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने से पहले 10 सदस्यीय समिति का गठन किया।
गुर्जर समुदाय के समर्थन में आए कई संगठन
सिरमौर के गुर्जरों के पक्ष में अखिल भारतीय गुर्जर स्वाभिमान मंच, हिमाचल प्रदेश गुर्जर समाज संघ और हरियाणा गुर्जर समाज मंच भी मैदान में उतरा। गुर्जर संगठनों के नेताओं ने स्पष्ट किया कि राजस्थान में गुर्जर आंदोलन को जिस प्रकार पूरे देश के गुर्जर समाज ने सहयोग किया था उसी तरह आवश्यकता पड़ने पर सिरमौर के गुर्जर समाज को भी सहयोग किया जाएगा। इस दौरान गुर्जर महिलाएं भी आजादी के बाद पहली बार किसी संघर्ष का हिस्सा बनीं।
याचिका दायर करने के लिए गठित की कमेटी
सिरमौर गुर्जर समाज ने हाटी मुद्दे के विरोध में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने से पहले 10 सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति में सेवानिवृत्त वन उपमंडल अधिकारी बरखाराम, ज्ञानचंद, सेवानिवृत्त तहसीलदार राजकुमार, सेवानिवृत्त डीएसपी चमन लाल व हेमराज, सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी खेमराज, अनिल कुमार व अधिवक्ता प्रवीण कुमार और अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय रमजान खान को शामिल किया गया है। गुर्जर नेता हंसराज ने कहा कि अपने हक के लिए वह सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। उधर, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता रमजान खान ने बताया कि एसटी आरक्षण से संबंधित सभी पहलुओं का अध्ययन कर जांचा परखा जाएगा।