हिमाचल शिक्षा में बेहतर होने का दम भरता है, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश के सैकड़ों स्कूलों के हजारों बच्चों को अभी निशुल्क वर्दियां नहीं मिली हैं, जबकि यह सेशन समाप्त होने को है। तीन जिलों के करीब छह ब्लॉकों में वर्दियां न मिलने की बात स्वयं शिक्षा विभाग ने मानी है।
इनमें मंडी, हमीरपुर, कुल्लू जिले के आधा दर्जन ब्लॉक शामिल हैं। कुछ अन्य ब्लॉकों में कहीं छात्राओं तो कहीं छात्रों को वर्दियां नहीं मिली हैं। मार्च माह में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद शिक्षा विभाग ने सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन को जुलाई और अगस्त महीने में डिमांड भेजी। कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहा कि सवा छह लाख से अधिक बच्चों को करीब दो माह में वर्दी उपलब्ध करवाना आसान नहीं है।
बावजूद इसके बच्चों को कम के कम समय में वर्दियां देने की कोशिश की गई। उधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वर्दी देर से मिलने पर कॉर्पोरेशन को जिम्मेवार बताया, जबकि शिक्षा विभाग से शैक्षणिक सत्र शुरू होने के करीब चार माह बाद डिमांड भेजी गई।
विभाग से देरी से आई थी डिमांड
शिक्षा विभाग से कॉर्पोरेशन को देरी से डिमांड आई थी। बावजूद इसके सभी को वर्दियां भेजी जा चुकी हैं। संबंधित ब्लॉकों में क्यों नहीं पहुंची, इस बारे में अधिकारियों से पूछकर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
- प्रियतु मंडल, एमडी सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन
सप्लाई ही नहीं पहुंची
अधिकतर ब्लॉकों में वर्दियां बांट दी गई हैं। कुल्लू में पिछले कल वर्दियां बांटी हैं। हमीरपुर-मंडी अभी तक सिविल सप्लाई की ओर से वर्दी नहीं पहुंची है। जब कॉर्पोरेशन से वर्दी ही नहीं आई तो स्कूल क्या बांटेगा।
- अशोक शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग
मंडी में 40 हजार को वर्दी नहीं
मंडी जिले में 40 हजार से अधिक-छात्राओं को अभी वर्दी नहीं मिली है। जिले के 20 शिक्षा खंडों में 2090 स्कूलों को पहली से पांचवीं तक 24068 छात्रों तथा 25668 छात्राओं और मिडल में 20313 छात्रों और 21149 छात्राओं को निशुल्क वर्दी दी जानी थी। अभी तक पहली से आठवीं की चालीस हजार छात्राओं को वर्दी नहीं मिली है।
चंबा में सिलाई का पैसा नहीं
चंबा में निशुल्क सरकारी वर्दी योजना के तहत बच्चों को वर्दी की सिलाई का पैसा नहीं मिला। अधिकतर स्कूलों के बच्चों को दो वर्षों तक की सिलाई राशि मुहैया नहीं हो पाई है। जिला प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक एसएस पठानिया ने बताया कि कई स्कूलों को यह राशि जारी की जा चुकी है। जो रह गए हैं, बजट आते ही शेष राशि जारी की जाएगी।